मऊ पुलिस की सूचना और एसपी के अलर्ट के बाद भी नहीं चेती लार पुलिस
लार। पिपराडीर्ह इंट-भट्ठे पर हुई लूटपाट के तार तीन दिन पहले गोरखपुर जनपद के गगहा में ईंट-भट्ठे पर लूट से जुड़ रहे हैं। पुलिस को शक है कि गगहा लूटकांड में शामिल बदमाशों ने ही पिपराडीह की घटना को अंजाम दिया है। एसपी मऊ ने उसी दिन एसपी देवरिया को फोन कर गगहा कांड के बदमाशों की लोकेशन मईल, सलेमपुर और लार में मिलने की सूचना दी थी। एसपी ने पुलिस को अलर्ट भी किया था लेकिन, लार पुलिस ने उस सूचना को तवज्जो नहीं दी। इससे गुस्साए एसपी ने दरोगा समेत चार पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मऊ पुलिस से मिली सूचना को एसपी ने अपर पुलिस अधीक्षक, सीओ से लेकर सभी एसओ को वायरलेस सेट और पुलिस टीम के वाट्सएप ग्रुप में भी सूचना वायरल कर दिया था। सभी एसओ को देर रात में ईट भट्ठे पर गश्त करने एवं दो पुलिस कर्मियों की ड्यूटी लगाने को कहा था। चेतावनी दी थी कि भोर में चार बजे तक थानेदारों को गश्त पर नहीं पाया जाएगा तो कार्रवाई की जाएगी। वे खुद क्षेत्र में रहेंगे।
लेकिन न तो पुलिस के अफसर गश्त पर निकले और न ही लार पुलिस सक्रिय हुई। हालांकि जहां घटना हुई वहां और कई अन्य ईट-भट्ठों पर पहुंचे पुलिस कर्मी मजदूरों को अपने सामान की सुरक्षा स्वयं करने की बात कह कर चले गए। उधर, ईंट-भट्ठे पर डकैती को अंजाम देने पहुंचे नकाबपोश बदमाशों ने कहा कि डरो मत हम पुलिस वाले हैं। हम शराब की चेकिंग करने आए हैं। तुम लोगों की बहुत शिकायत मिल रही है। कच्ची शराब बहुत बना रहे हो। इसके बाद मजदूरों को जगा कर कमरे में बंद करने लगे। उसके बाद लूटपाट कर फरार हो गए। एसपी के निर्देश को लार पुलिस गंभीरता से लिया होती तो इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
चार भट्ठों पर हो चुकी है डकैती, एक का भी खुलासा नहीं कर पाई पुलिस
लार। थाना क्षेत्र में एक वर्ष के अंदर चार ईंट भट्ठों पर बदमाशों ने डकैती की घटना को अंजाम दिया है। इसमें एक भी घटना का पुलिस खुलासा नहीं कर पाई है। इसे लेकर भट्ठा मालिकों और मजदूरों में दहशत का माहौल है। भेड़िहरवा टोला ईंट भट्ठा व्यवसायी जगदीश यादव के भट्ठे पर पहुंचे नकाबपोश बदमाश धावा बोल कर बदमाश नगदी और कपड़े लूट ले गए थे। दूसरी घटना तारा कुंडावल भट्ठे की है। यहां भी बंधक बना कर बदमाशों लूटपाट की थी और दहशत फैलाने के लिए फायरिंग भी की थी। तीसरी घटना रामनगर गांव निवासी राकेश सिंह के भट्ठे की है। नवंबर में यहां भी एक दर्जन की संख्या में पहुंचे बदमाशों ने मजदूरों और भट्ठा मालिक को कमरे में बंधक बना जम कर लूट की थी। सभी ने तहरीर दी। एक वर्ष बाद भी इन घटनाओं का खुलासा नहीं हो सका है।
खड़ी हिंदी बोल रहे थे बदमाश, मोबाइल फोन से खुलेगा राज
लार। डकैती की घटना को अंजाम देने वाले नकाबपोश डकैत इशारे और खड़ी हिंदी में बात कर रहे थे। पुलिस उन्हें इसी आधार पर ट्रेस करने में लगी है। ईंट भट्ठे पर लूट की घटना को अंजाम देकर भागते समय डकैत, पीड़ित लक्ष्मीना का दो सेट मोबाइल फोन उठा ले गए। पुलिस उन्हीं मोबाईल को सर्विलांस पर लगाकर डकैतों तक पहुंचने की कोशिश में जुटी है।
घटना के खुलासे के लिए लगाई गईं पुलिस की कई टीमें
लार। पिपरा डीह में ईंट भट्ठे पर हुई डकैती की घटना के पर्दाफाश के लिए जिले की एसओजी और सर्विलांस टीम सहित कई टीमों को लगाया गया है। शुक्रवार को पहुंचे एएसपी शिष्यपाल ने मजदूरों से घंटों पूछताछ की और बदमाशों के बारे में जानकारी जुटाई। साथ ही कुछ बदमाशों की तस्वीर मजदूरों दिखाई। भट्ठा मालिक की मानें तो मजदूर डकैतों को पहचान रहे ंहैं। उधर मौके पर पहुंची एसओजी और सर्विलांस टीम सर्विलांस के सहारे बदमाशों का लोकेशन ट्रेस की।
इन्हें किया गया निलंबित
देवरिया। लार थाना क्षेत्र के पिपराडीह स्थित ईंट भट्ठे पर मजदूरों को बंधक बनाकर हुई लूटपाट की घटना को लेकर एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र ने शुक्रवार को ईट भट्ठे पर गश्त नहीं करने एवं लापरवाही बरतने के आरोप में एसआई सुनील पटेल कांस्टेबल राजकुमार, संतोष और अमरजीत को निलंबित कर दिया।