अनाथ मासूम भूखे पेट सोने को मजबूर
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एसडीएम कार्यालय के ठीक बगल में चार अनाथ बच्चे सरकारी तंत्र की अनदेखी के चलते कुपोषण के शिकार होकर मौत के मुहाने पर हैं। इनकी दयनीय हालत जानकर भी सरकारी महकमा जान नहीं सका है। तहसील कैंपस के बगल में जयनगर भरटोली नगरपालिका की वार्ड संख्या चार है। इस वार्ड में चार अनाथ मासूूम बच्चे हैं। जिनके मां मंगला देवी की मौत तीन व पिता राधेश्याम की मौत दो वर्ष पूर्व हो गई।
दोनों की मौत के बाद बच्चे अनुज (14), छोटू (12), लखन (10) व बबलू (8) कबाड़ी की दुकान पर बाल मजदूरी कर गुजारा कर रहे हैं। अनुज ने बताया कि पिता के नाम से एपीएल कार्ड था। जिस पर कभी किरासन तेल के अलावा कुछ भी नहीं मिला। लाल कार्ड के लिए नगर पालिका परिषद से लेकर तहसील कार्यालय पर कई बार चक्कर लगाया लेकिन किसी ने हम लोगों की हालत पर तरस नही खाई।
लोग बताते हैं कि इनके घर में भोजन तक का सामान नहीं है, जिससे यह बच्चे अपना पेट भर सके। पड़ोसी कलपतिया देवी, रामअशीष राजभर, सिंघा आदि का कहना है कि मां बाप के मरने के बाद बच्चों को कोई पूछने वाला नहीं है। बच्चों का पेट मजदूरी व दूसरों से मांग कर भर रहा है। एसडीएम आरपी तिवारी का कहना है। अनाथ बच्चों को तत्काल सभी प्रकार की सरकारी मदद दी जाएगी। उन्हें बाल श्रमिक के काम से मुक्त कराते हुए शिक्षा के लिए विद्यालय भेजा जाएगा।