मारपीट में घायल व्यक्ति की मौत, मंदिर के पास शव रखकर किया प्रदर्शन
भाटपाररानी/खामपार। खामपार थाना क्षेत्र के भठवा तिवारी में मंदिर की भूमि के विवाद में दो भाइयों तीन सप्ताह पूर्व हुई मारपीट में घायल राधेश्याम कुशवाहा (47) की इलाज के दौरान सोमवार को तड़के मौत हो गई। नाराज परिजनों ने शव को मंदिर के सामने रखकर प्रदर्शन किया। वे आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे थे। मौके पर पहुंचे प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के मान-मनव्वल के बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
ग्राम भठवा तिवारी निवासी भगवान दास कृष्ण प्रणामी मंदिर के महंत थे। उन्होंने अपनी मृत्यु से पूर्व मंदिर का स्वामित्व अपने बड़े पुत्र हीरालाल के नाम कर दिया। इस पर तीन अन्य भाइयों ने आपत्ति जताई। मंदिर और उससे संबंधित जमीन में अपना भी हक मांगने लगे। मंदिर के बगल में उसकी कुछ भूमि भी है। उसी के विवाद में हीरालाल और उनके भाइयों सच्चिदानंद, राधेश्याम, मोतीलाल में विवाद हुआ। पुलिस ने शांतिभंग में कार्रवाई की थी। 9 दिसंबर को मंदिर में पूजा पाठ के मुद्दे पर मारपीट में राधेश्याम घायल हो गए। पुलिस एक पक्ष से सच्चिदानंद तो दूसरे पक्ष से हीरालाल की तहरीर पर केस दर्ज कर छानबीन कर रही थी।
उधर, घायल राधेश्याम का इलाज पीएचसी भाटपाररानी, जिला अस्पताल व उसके बाद मेडिकल कॉलेज गोरखपुर में हुआ। हालत गंभीर देख चिकित्सकों ने मेडिकल कॉलेज से भी रेफर कर दिया। आर्थिक स्थिति कमजोर होने से परिजन उन्हें घर लाकर इलाज कराने लगे। सोमवार को तड़के उनकी मौत हो गई।
इसके बाद राधेश्याम के पक्ष के लोग आक्रोशित हो गए। उनका आरोप है कि पुलिस ने मारपीट का केस दर्ज कर खानापूरी की। वे विरोधियों पर हत्या के प्रयास का केस दर्ज कर कार्रवाई की मांग करने लगे। सूचना पर एसडीएम ध्रुव शुक्ला, सीओ पंचम लाल, एसओ अरुण मौर्या सहित भटनी, बनकटा थानों की फोर्स पहुंची। परिजनों और उच्च अधिकारियों से हुई वार्ता और कार्रवाई के आश्वासन के बाद शव को पुलिस ने पोस्टमार्टम में भेज दिया। सीओ पंचमलाल ने बताया कि मुकदमा दर्ज था। इसमें धारा 304 बढ़ा दी गई है। आरोपितों की जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे राधेश्याम
मृतक राधेश्याम कुशवाहा अपने घर का एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। वह मंदिर में पूजा पाठ करते थे और मजदूरी कर अपने परिवार का पालन पोषण करते थे। उनकी मौत से परिवार अनाथ हो गया है। मौके पर पहुंचे स्थानीय प्रशासन ने परिवार को हर तरह की आर्थिक सहायता देने का आश्वासन दिया है। उनकी तीन संतानों में 16 वर्षीय अर्जुन, 14 वर्षीय अमरेंद्र और 12 वर्षीय पुत्री अंजलि हैं। बच्चों सहित पत्नी रामावती देवी का रो-रोकर बुरा हाल है।