तरकुलवा। पुलिस ने छोटी गंडक नदी के प्रमुख घाटों पर चौकसी बढ़ा दी है। साथ ही, बालपुर श्रीनगर घाट पर पेड़ की डाली से बंधी रस्सी को कटवा दिया है।
आसपास के सभी घाटों पर लोगों को जागरूक करने के लिए नो स्टंट लिखे चेतावनी बैनर लगाए गए हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद बृहस्पतिवार को घाट पर स्टंट करने पहुंचे युवाओं को उल्टे पांव लौटना पड़ा।
तापमान बढ़ने के साथ ही नदी घाटों पर जान जोखिम में डालकर स्टंट करने वाले युवाओं की संख्या बढ़ने लगी थी।
सोशल मीडिया पर वीडियो अपलोड करने और रील बनाने की सनक में युवा नदी के भीतर खनन से बने गड्ढों में बेखौफ होकर स्टंट कर रहे थे। हर छलांग के साथ वे अपनी जान जोखिम में डाल रहे थे। इससे कभी कोई बड़ा हादसा हो सकता था।
इस गंभीर समस्या को अमर उजाला ने तीन और चार जून के अंक में क्रमश : छोटी गंडक में युवकों के खतरनाक स्टंट का वीडियो वायरल और छोटी गंडक में भी मौत का कुआं, स्टंटबाज लगा रहे जान की बाजी समाचार प्रकाशित कर इस ओर प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया था।
गौरतलब है कि थाना क्षेत्र से होकर गुजरने वाली छोटी गंडक नदी के बालपुर श्रीनगर, सोनहुला रामनगर, वृंदावन, बसंतपुर धूसी, कैथवलिया, सबवट, मैनपुर, भीसवा आदि नदी घाटों पर सुबह 10 बजे से ही आसपास और दूर दराज के इलाकों से युवक एकत्रित होने लगते थे।
गर्मी से राहत के लिए वे नदी किनारे स्थित पेड़ों की ऊंची डाली में रस्सी बांध कर उसके सहारे नदी में छलांग लगाते थे। इस खतरनाक स्टंट का वीडियो और रील बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करते थे। स्टंटबाजों की सबसे अधिक भीड़ बालपुर श्रीनगर नदी घाट पर इकट्ठा होती थी।
अमर उजाला में खबर प्रकाशित के बाद प्रकरण पुलिस प्रशासन ने मामले को संज्ञान में लिया। इसके बाद छोटी गंडक नदी के लगभग सभी घाटों पर पहरा बिठा दिया। प्रत्येक घट पर पूरे दिन पुलिस पहरा दे रही है। पुलिस ने सभी घाटों पर नो स्टंट के चेतावनी बैनर लगवाए हैं। जिस पर स्पष्ट रूप से लिखा गया है कि नदी में स्टंट करना, बिना सुरक्षा के पानी में छलांग लगाना, गहरे पानी में जाना तथा खतरनाक गतिविधियों में शामिल होना प्रतिबंधित है।
नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। थाना प्रभारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि नदी घाटों की नियमित निगरानी शुरू कर दी गई है।
लोगों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।