पैकौली (देवरिया)। ऊसरा इंडस्ट्रियल एरिया में शराब बनाने वाली फैक्टरी फाॅरएवर डिस्टलरी प्राइवेट लिमिटेड में आयकर की टीम ने करीब 15 घंटे तक जांच की। इस दौरान टीम ने कई रिकॉर्ड खंगाले। इसके बाद मंगलवार की रात करीब 12 बजे टीम वापस लौट गई। इस दौरान आयकर विभाग की टीम अपने साथ फैक्टरी से संबंधित कई रिकॉर्ड ले गई। बताया जा रहा है कि इन रिकॉर्ड में फैक्टरी की स्थापना के लिए प्रशासन से मिली जमीन के अलावा किसानों से खरीदी गई करीब 25 बीघा जमीन से जुड़े कागजात भी शामिल हैं। हालांकि अभिलेख ले जाने और पूछताछ के सवाल पर फैक्टरी के संबंधित अफसर कुछ भी बताने से इन्कार कर रहे हैं।
इस डिस्टलरी से जुड़े लोगों ने बताया कि साल 2020 में फैक्टरी का गोरखपुर में पंजीकरण कराया गया था। गोरखपुर में ही इस फर्म से जुड़े दूसरे अन्य कार्य संचालित हैं। वर्ष 2022 में फैक्टरी प्रबंधन ने देवरिया में 238 करोड़ के निवेश का प्रस्ताव सरकार को दिया था। इस पर यूपीसीडा की तरफ से इंडस्ट्रियल एरिया में जमीन उपलब्ध कराई गई थी। चर्चा है कि फैक्टरी की स्थापना के लिए प्रबंधन ने सरकारी भूमि से सटे ही काश्तकारों से भी करीब 25 बीघा जमीन खरीदी थी।
मंगलवार की सुबह साढ़े छह बजे अचानक ही पांच गाड़ियों से आयकर विभाग के अफसर पहुंचे और गाड़ियों को अंदर खड़ा करने के बाद प्रवेश गेट बंद करा दिया गया। गेट पर अफसरों के साथ सीतापुर से आए पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए। अचानक इस कार्रवाई से फैक्टरी प्रबंधन और कर्मचारियों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आयकर विभाग की टीम ने फैक्टरी के सभी अधिकारियों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए और कार्यालय परिसर को पूरी तरह अपने नियंत्रण में ले लिया। आयकर अधिकारियों ने कंपनी के वित्तीय लेन-देन, रिकॉर्ड, बैंकिंग कागजात और अन्य महत्वपूर्ण फाइलों की गहन जांच की। करीब 15 घंटे तक लगातार रिकॉर्ड खंगाले गए। इस फैक्टरी में लगभग 120 कर्मचारी कार्य करते हैं। जांच के बाद आधी रात को आयकर विभाग की टीम कई महत्वपूर्ण फाइलों और दस्तावेजों को गाड़ियों में लादकर अपने साथ ले गई। अचानक हुई इस कार्रवाई से औद्योगिक क्षेत्र में चर्चा का माहौल बना हुआ है। स्थानीय व्यापारियों और उद्योगपतियों में भी इसे लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।