देवरिया। खाने का स्वाद और सेहत दोनों सरसों के तेल पर निर्भर करता है, लेकिन बाजार में मिल रहे तेल की शुद्धता पर उठ रहे सवालों ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। मिलावट की आशंका से परेशान उपभोक्ता अब बाजार के पैक्ड तेल की बजाय खुद पेराई कराकर सरसों का तेल निकलवा रहे हैं। जिले में कई जगह तेल मिलों पर इन दिनों भीड़ बढ़ गई है।
लोग गांव-देहात से सरसों खरीदकर तेल मिल पहुंच रहे हैं। वहां मशीन से पेराई कराकर अपने सामने तेल निकलवाते हैं। तेल की पेराई के बदले खली दे देते हैं। उपभोक्ताओं का कहना है कि बाजार में बिक रहे तेल की शुद्धता की गारंटी नहीं है। पिछले वर्षों में खाद्य सुरक्षा विभाग की जांच में कई नमूने फेल हो चुके हैं, जिससे भरोसा और कमजोर हुआ है।
शहर के रामनाथ देवरिया मोहल्लों में संचालित छोटे तेल मिल संचालक मनोज के अनुसार, पिछले कुछ महीनों में पेराई का काम बढ़ा है। खासकर त्योहार और शादी-ब्याह के मौसम में लोग ज्यादा मात्रा में सरसों पेरवाते हैं। उनका कहना है कि ग्राहक खुद सरसों खरीदकर लाते हैं, जिससे उन्हें मिलावट की आशंका नहीं रहती।
गृहिणियों का कहना है कि सरसों का शुद्ध तेल न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है बल्कि सेहत के लिए भी बेहतर माना जाता है। बाजार में सस्ते दाम पर बिक रहे तेल पर उन्हें भरोसा नहीं है। कई बार तेल का रंग और गंध भी संदेह पैदा करती है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि कुछ कारोबारी मुनाफे के लालच में सस्ते तेलों या केमिकल की मिलावट कर देते हैं।
खाद्य सामग्री के साथ-साथ खाद्य तेलों की गुणवत्ता की भी निगरानी की जाती है। विभाग छापा मारने के अलावा लोगों को शुद्धता के प्रति जागरूक भी करता है। अगर लोग जागरूक होंगे तो धंधेबाजों पर भी रोक लगाना आसान हो जाएगा।
राजीव मिश्र, मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी