सिद्धार्थनगर। जन्म से ही किसी अंग की कमी से अधूरे बच्चों के चेहरे पर अब मुस्कान लौट खिल उठी है। इसमें किसी के होंठ कटे थे, किसी का तालू ठीक नहीं था। किसी के नाक में गंभीर दिक्कत थी, लेकिन अब ये सभी बच्चे सामान्य जीवन जी रहे हैं।
स्वास्थ्य विभाग और स्माइल ट्रेन संस्था के संयुक्त प्रयास से पिछले पांच वर्षों में 242 बच्चों का सफल ऑपरेशन कर उन्हें नया जीवन दिया गया है। इस विशेष अभियान ने न केवल बच्चों की शक्ल-सूरत सुधारी है बल्कि उनके आत्मविश्वास और भविष्य को भी नई दिशा दी है।
राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत एनआरएचएम और स्माइल ट्रेन संस्था के संयुक्त सहयोग से ऐसे बच्चों की सर्जरी की जाती है, जिनके जन्म से होंठ और तालू कटे हुए हैं। वे बोल नहीं पाते हैं और चेहरा भी भद्दा दिखता है। इसमें कई प्रकार की सर्जरी होती है। इसमें पांच माह से लेकर 18 साल तक के युवा की सरकार और संस्था के सहयोग से निशुल्क सर्जरी की जाती है। रजिस्ट्रेशन कर उनकी सर्जरी की जाती है। इन ऑपरेशन का बाहर निजी अस्पताल में 80 हजार रुपये से लेकर पांच लाख रुपये तक खर्च आता है। आंकड़ों की बात करें तो संस्था के सहयोग से वर्ष 2021 से अबतक 248 सर्जरी करवा चुकी है। अब वह बच्चे सामान्य जीवन जी रहे हैं। इसमें कई बच्चे ऐसे थे जो बोलने में असमर्थ थे या उनकी आवाज साफ नहीं निकलती थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद उनकी आवाज में भी सुधार आया है। वहीं, जिन बच्चों के चेहरे पर विकृति थी, अब उनके चेहरे सामान्य दिखने लगे हैं। ा