बरियारपुर क्षेत्र के मेहरौना स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज में कुछ घंटों के भीतर करीब 90 छात्रों की तबीयत बिगड़ने से हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि फूड प्वायजिंग से सबकी तबीयत बिगड़ी। सूचना पर क्षेत्रीय विधायक, सीओ के अलावा सीएमओ भी मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंच गए। लगभग 50 बच्चों की हालत गंभीर देख उन्हें मेडिकल कॉलेज भेजा गया।
इधर, मेडिकल कॉलेज में बच्चों का हाल जानने के बाद डीएम व एसपी ने विद्यालय पहुंच कर घटना की जानकारी ली और जांच के आदेश दिए।
मेडिकल कॉलेज पहुंच डीएम और एसपी ने बच्चों को जानाकरी ली।
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समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित राजकीय आश्रम पद्धति इंटर कॉलेज में कक्षा 6 से 12 तक की पढ़ाई होती है। यहां 326 छात्र नामांकित हैं। रविवार रात में बच्चों ने छोला-पूड़ी खाया। उसके बाद कुछ बच्चों ने उल्टी, दस्त, पेट दर्द, चक्कर व कंपकंपी की शिकायत की।
स्कूल प्रबंधन ने दुकान से दवा लाकर बच्चों को दी। इसके बाद भी जब आराम नहीं हुआ तो सुबह दिखाने की बात कही। इस बीच एक-एक करके कई बच्चों को भी इसी तरह की दिक्कत महसूस होने लगी। ज्यादा बच्चों की तबीयत खराब होने लगी तो स्कूल में हड़कंप मच गया। प्रधानाचार्य सूर्यकांत राय ने इसकी जानकारी जिला समाज कल्याण अधिकारी जैसवार लाल बहादुर को दी।
समाज कल्याण अधिकारी ने मामले से सीएमओ को अवगत कराया। जानकारी मिलते ही सीएमओ मेडिकल टीम के साथ मौके पर पहुंच गए।
एंबुलेंस से मेडिकल कॉलेज ले जाते हुए
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फूड प्वाइजिनिंग का शिकार बच्चों से जब खानपान के बारें में जानकारी ली गई तो बच्चों ने कहा कि रात में पूड़ी व छोला खाए थे। दिन में बने छोला को रात में पूड़ी के संग खिलाया गया है। बच्चों ने कहा कि छोला खाने के बाद से तबीयत बिगड़ने लगी। एक-एक कर बच्चे रात से बीमार पड़ने लगे।
सुबह होते होते इनकी संख्या में इजाफा हो गया। इधर, फूड प्वाइजिनिंग का मामला आने के बाद विद्यालय प्रशासन में खलबली मची हुई है। अफरा-तफरी का माहौल कायम है।
दिन का बना छोला रात में खाने से बिगड़ी तबीयत
फूड प्वाइजनिंग का शिकार बच्चों से जब खाने के बारे में जानकारी ली गई तो पता चला कि रात में पूड़ी व छोला खाए थे। छोला दिन में बना था। बच जाने पर स्कूल प्रबंधन ने रात में भी बच्चों को खिला दिया। आशंका जताई जा रही है कि शायद छोला खाने से फूड प्वायजनिंग हुई, जिससे बच्चों की तबीयत बिगड़ गई।
बीमार बच्चे
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बच्चों के बीमार पड़ने के बाद विद्यालय प्रशासन ने बंद कराया गेट
फूड प्वाइजनिंग का शिकार बच्चों की संख्या में इजाफा होने लगा और सोशल मीडिया पर खबरें वायरल होने लगीं तो ग्रामीणों के साथ बच्चों के परिजन भी विद्यालय पहुंचने लगे। भीड़ बढ़ता देख विद्यालय प्रशासन ने मुख्य गेट बंद करवा दिया। विद्यालय प्रशासन ने पहले तीन बच्चों को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज भिजवाया।
इसी बीच मेडिकल टीम पहुंच गई और अन्य बच्चों का इलाज शुरू हुआ। इसके बाद गंभीर रूप से पीड़ित बच्चों को एक-एक कर मेडिकल कॉलेज भिजवाया गया। इधर, विद्यालय प्रशासन लगातार गेट के बाहर मौजूद परिजनों व ग्रामीणों से धैर्य बनाए रखने की अपील भी करता रहा।
बच्चों की तबियत खराब होने की सूचना पर पहुंचे विधायक सुरेन्द्र चौरसिया।
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विधायक दिखे एक्टिव, सूचना के पांच घंटे बाद पहुंचे समाज कल्याण अधिकारी
क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र चौरसिया को छात्रों की तबीयत बिगड़ने की सूचना मिली तो वह अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंच गए और बच्चों को इलाज मुहैया कराने में जुट गए। विधायक ने वहां पहुंचते ही सबसे पहले समाज कल्याण अधिकारी जैसवार लाल बहादुर को फोन कर घटना की जानकारी दी।
सूचना देने के करीब पांच घंटे बाद जब वे पहुंचे तो विधायक ने नाराजगी जताई।
यह बच्चे हुए बीमार
आदित्य कुमार, दिव्यांश, नैतिक कुमार, जयेश पासवान, शिवम कुमार, अजय कुशवाहा, लालबाबू गोंड, आदर्श मलिक, किशन गोंड, प्रेम कुशवाहा, सिद्धार्थ आर्य, अखिलेश कुमार, अंकित पांडेय, आदित्य कुमार, अविनाश शर्मा, वैभव, सत्यप्रकाश प्रसाद, प्रिंस, शिवम कुमार, शिवम यादव, सन्नी गोंड, शिवांशु गोंड, शुभम प्रजापति, शिवम पांडेय, सोनू कुमार, आकाश कुमार, पिंटू कुमार, अवनीश पासवान, अरुण सिंह, चंदन, पुष्पेंद्र त्रिपाठी, अमन पांडेय, मयंक तिवारी, रितेश प्रजापति, चंदन कुमार, जिगर कुशवाहा, निरंजन मद्धेशिया सहित अन्य बच्चे मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराए गए हैं।