डीएम के आदेश पर छापा, अवैध अस्पताल सील
सलेमपुर। डीएम के निर्देश पर एसडीएम ओम प्रकाश बरनवाल व सीओ कपिल मुनि सिंह ने लाइफ केयर हॉस्पिटल पर शनिवार की रात छापा मारा। वहां चार मरीजों का ऑपरेशन कर सुलाया गया था और डॉक्टर का पता नहीं था। हॉस्पिटल संचालक की अनियमितता देख अफसरों ने वहां मौजूद मरीजों को जिला अस्पताल में शिफ्ट करा कर अस्पताल को सील करा दिया। इसको लेकर अवैध अस्पताल संचालकों में हड़कंप है।
गौरतलब है कि भटनी-भरथुआ मार्ग पर कोल्हुआ गांव के समीप अवैध रूप से अस्पताल संचालित किया जा रहा था जिसकी शिकायत किसी ने डीएम से की थी। तहसील क्षेत्र में कई अवैध अस्पताल हैं। अवैध अस्पताल के संचालकों की लापरवाही के चलते नगर में दर्जनों लोगों की जान जा चुकी है। बावजूद इसके लोगों में सतर्कता नहीं है। हालांकि मामला को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने नगर समेत तहसील क्षेत्र के तमाम अस्पतालों को सील करने की कार्रवाई की। लेकिन स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदारों की मेहरबानी से कुछ ही दिन बाद अस्पतालों का सील खोल दिया गया।
शनिवार की रात डीएम आशुतोष निरंजन के निर्देश पर एसडीएम ओम प्रकाश बरनवाल, सीओ कपिल मुनि सिंह, तहसीलदार रामाश्रय, कोतवाली प्रभारी नवीन कुमार मिश्र, सीएचसी के अधीक्षक डॉ. अतुल कुमार की टीम भटनी-भरथुआ मार्ग पर कोल्हुआ गांव के समीप अवैध रूप से संचालित हो रहे लाइफ केयर हॉस्पिटल पर पहुंची। जहां चार मरीज भर्ती थे। इसमें लार थाना क्षेत्र के रतनपुरा गांव निवासी ब्रह्मा यादव की पत्नी प्रभावती देवी, मईल थाना क्षेत्र के भागलपुर गांव निवासी राम तीरथ यादव की पत्नी रीता देवी व खुखुंदू थाना क्षेत्र के धनौती गांव निवासी रामप्रवेश की पत्नी राजमती देवी का बच्चेदानी का ऑपरेशन किया गया था।
इसके अलावा भटनी थाना क्षेत्र के नोनापार गांव निवासी भीम कुमार की पत्नी शिल्पी पांडेय का ऑपरेशन कर प्रसव हुआ था। अफसरों को तीमारदारों ने बताया कि ऑपरेशन के पूर्व अस्पताल संचालक पंद्रह हजार रुपये जमा करा लिया है। हॉस्पिटल की जांच में वहां चार लोग मौजूद रहे। एक भी स्थायी चिकित्सक नहीं थे। ओटी की व्यवस्था नहीं थी। अस्पताल का पंजीयन भी सीएमओ कार्यालय से नहीं हुआ था। लिहाजा नर्सिंगहोम को सीज करवा दिया गया। इस बाबत एसडीएम ओमप्रकाश बरनवाल ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर छापा मारा गया। वहां चार मरीजों का ऑपरेशन हुआ था। कोई डॉक्टर वहां मौजूद नहीं था। न ही अस्पताल संचालक के पास कोई कागजात मिले।