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जेल में मोबाइल पकड़े जाने पर तीन बंदी रक्षक निलंबित

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जेल में मोबाइल पकड़े जाने पर तीन बंदी रक्षक निलंबित
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देवरिया। जेल में अंशु दीक्षित की तर्ज पर मोबाइल से बात करने के मामले में डीआईजी जेल ने सख्त कार्रवाई करते हुए तीन बंदीरक्षकों को निलंबित कर दिया है, जबकि एक बंदीरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद पैसा लेकर जेल में बदमाशों की मौज कराने वाले बंदीरक्षकों में हड़कंप मच गई है। उधर जेल प्रशासन दस बंदियों को प्रशासनिक आधार पर गैर जेल भेजने की तैयारी में जुट गया हैं।
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जेल में बंद हत्या आरोपी रतन यादव उर्फ अंबुज का एक वीडियो जेल की बैरक से बात करते हुए वायरल हुआ था, इसमें एक कुशीनगर के बदमाश का भी नाम शामिल है, इन बदमाशों ने वीडियो बनाने के बाद शिकायत करने वाली महिला के भाई के मोबाइल पर व्हाट्सएप भेज दिया था। इस घटना के बाद महिला ने आला अफसरों से शिकायत भी की है। इस पर जेल अधीक्षक और जेल प्रशासन के अन्य अधिकारियों ने बदमाश के बैरक की तलाशी ली तो मोबाइल बरामद हुआ, इस पर जेल प्रशासन ने रतन यादव के खिलाफ कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराया, जबकि जेल अधीक्षक ने मामले की जांच कर तीन बंदी रक्षक को गंभीर रूप से इस मामले का दोषी पाया, जबकि एक बंदीरक्षक इनके सहयोग में जुटा रहा। जेल अधीक्षक ने मुख्य बंदीरक्षक रामवृक्ष राम, दिनेश कुमार वर्मा, राणा प्रताप यादव को निलंबित करने की संस्तुति डीआईजी को भेज दी। जेल अधीक्षक की संस्तुति पर डीआईजी रामधनी ने रविवार को तीनों बंदीरक्षकों को निलंबित कर दिया। साथ ही बंदीरक्षक अजीत कुमार सिंह के खिलाफ विभागीय जांच करने का आदेश दिया है।जेल अधीक्षक केपी त्रिपाठी ने बताया कि तीन बंदीरक्षकों को निलंबित कर दिया गया है। एक बंदीरक्षक के खिलाफ विभागीय जांच का आदेश दिया गया है।
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