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ग्रामीण स्टेडियम पर पशु आश्रय स्थल खोले जाने का हुआ विरोध

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ग्रामीण स्टेडियम पर पशु आश्रय स्थल खोले जाने का हुआ विरोध
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वर्ष 1998 में तत्कालीन डीएम ने किया था शिलान्यास
अमर उजाला ब्यूरो
बरियारपुर/देवरिया। ग्रामीण स्टेडियम की भूमि में पशु आश्रय गृह बनाए जाने का मंगलवार को लोगों ने विरोध किया। विरोध के बाद ठेकेदार मौके से मजदूरों को लेकर लौट गए। लोगों ने कहा कि जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में 1998 में प्रस्ताव स्टेडियम के लिए पास हुआ था। इसका शिलान्यास तत्कालीन डीएम सभाराज सिंह ने किया। तभी से यहां प्रदेश स्तर की खेलों का आयोजन होता आ रहा है। यहीं नहीं दस से अधिक गांवों के युवक सेना एवं पुलिस भर्ती के लिए यहां दौड़ लगाकर अभ्यास करते हैं।
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बैकुंठपुर दस हजार आबादी वाला गांव है। यहां एक स्कूल से सटे तकरीबन तीन एकड़ भूमि खाली है। जिस पर जिला पंचायत और ग्राम पंचायत अपना-अपना दावा करते हैं। 1998 में जिला पंचायत की बोर्ड बैठक में प्रस्ताव पास करके युवा कल्याण विभाग को ग्रामीण स्टेडियम बनाने के लिए यह भूमि सौंप दी गई। शिलान्यास भी हो गया। लेकिन किसी कारणवश स्टेडियम के रूप में इसे विकसित नहीं किया जा सका। यहां प्रांतीय स्तर की खो-खो प्रतियोगिता आयोजित हो चुकी है। इसमें 1700 खिलाड़ी कई जिलों से आए थे। बैकुंठपुर, मधवापुर, रूपई, सठियांव, कुसमौली, बरवाडीह, करकटही, भवानीपुर सहित दस से अधिक गांवों के खिलाड़ी आकर क्रिकेट, फुटबॉल, वॉलीबॉल आदि खेल खेलते हैं। भर्ती की तैयारी भी सैकड़ों युवक करते हैं। यहीं नहीं विभिन्न दलों के राष्ट्रीय नेताओं की सभाएं भी चुनाव के दौरान यहीं होती हैं। इधर, क्षेत्रीय राजनीति में जिला पंचायत ने एक बार फिर यहां पशु आश्रय गृह खोले जाने का निर्णय लिया है। प्रस्ताव जिला पंचायत सदस्य शिवजी गोड़ ने दिया है। ठेकेदार बैकुंठपुर स्टेडियम के लिए खाली जमीन पर गोशाला का निर्माण कार्य शुरू कराने पहुंचे और निर्माण के लिए खुदाई शुरू कराने लगे। सैकड़ों की संख्या में लोग पहुंचे और खेल मैदान में हो रहे निर्माण रोक दिया। जिसे लेकर हो-हल्ला हुआ।
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