सदर लोकसभा सीट से पहली बार चुने गए 55 वर्षीय शशांक मणि त्रिपाठी आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईएमडी लुसान से एमबीए हैं। वर्ष 2008 में शशांक मणि त्रिपाठी ने जागृति यात्रा की शुरुआत की। अपने पैतृक गांव बरपार में जागृति उद्यम केंद्र पूर्वांचल की नींव रखी। यह संस्था देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज समेत पूर्वांचल के कई जिलों में उद्यम को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं हुई। आईआईटी दिल्ली से उन्होंने सत्र 2001-05 में बीटेक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कैट की परीक्षा को क्लीयर किया। 2005-07 बैच में उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई की।
आईआईएम से एमबीए करने के बाद उन्होंने वर्ष 2007 में उन्होंने लंदन की जेपी मॉर्गन फाइनांसियल कंपनी ज्वाइन कर ली। पति गगनदीप सिंह ढिल्लो के साथ वे लंदन में शिफ्ट हो गई। करीब एक साल काम किया और फिर वे भारत वापस आ गईं। दिव्या कहती हैं कि विदेश में पैसा बहुत था, लेकिन वहां काम करना सही नहीं लगता था। इस कारण हम दोनों ने वापस आने का फैसला किया।
लंदन से भारत लौटने के बाद गगनदीप और दिव्या ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। गगनदीप ने बिना किसी कोचिंग के वर्ष 2011 में यूपीएससी क्लीयर किया। इसके बाद उन्होंने दिव्या को भी प्रेरित किया। दिव्या ने वर्ष 2012 में पहली बार यूपीएससी क्लीयर किया। उन्हें गुजरात कैडर में आईपीएस का पद मिला। ट्रेनिंग के दौरान एकबार फिर दिव्या यूपीएएसी की परीक्षा में बैठीं।