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Deoria News: आईआईटीयंस का जलवा, एक ही जिले में सांसद, डीएम, एसपी और सीडीओ सभी- विकास को देंगे नया आयाम

Wed, 17 Jul 2024 12:47 PM IST
रोहित सिंह संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया

सार

सदर लोकसभा सीट से पहली बार चुने गए 55 वर्षीय शशांक मणि त्रिपाठी आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईएमडी लुसान से एमबीए हैं। वर्ष 2008 में शशांक मणि त्रिपाठी ने जागृति यात्रा की शुरुआत की। अपने पैतृक गांव बरपार में जागृति उद्यम केंद्र पूर्वांचल की नींव रखी। यह संस्था देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज समेत पूर्वांचल के कई जिलों में उद्यम को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
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देवरिया सांसद व डीएम - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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सदर लोकसभा सीट से पहली बार चुने गए 55 वर्षीय शशांक मणि त्रिपाठी आईआईटी दिल्ली से बीटेक और आईएमडी लुसान से एमबीए हैं। वर्ष 2008 में शशांक मणि त्रिपाठी ने जागृति यात्रा की शुरुआत की। अपने पैतृक गांव बरपार में जागृति उद्यम केंद्र पूर्वांचल की नींव रखी। यह संस्था देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज समेत पूर्वांचल के कई जिलों में उद्यम को बढ़ावा देने का काम कर रही है।
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दिव्या मित्तल मूल रूप से हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली हैं। उनका जन्म दिल्ली में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा भी वहीं हुई। आईआईटी दिल्ली से उन्होंने सत्र 2001-05 में बीटेक की पढ़ाई की। इसके बाद उन्होंने कैट की परीक्षा को क्लीयर किया। 2005-07 बैच में उन्होंने आईआईएम बेंगलुरु से एमबीए की पढ़ाई की।

आईआईएम से एमबीए करने के बाद उन्होंने वर्ष 2007 में उन्होंने लंदन की जेपी मॉर्गन फाइनांसियल कंपनी ज्वाइन कर ली। पति गगनदीप सिंह ढिल्लो के साथ वे लंदन में शिफ्ट हो गई। करीब एक साल काम किया और फिर वे भारत वापस आ गईं। दिव्या कहती हैं कि विदेश में पैसा बहुत था, लेकिन वहां काम करना सही नहीं लगता था। इस कारण हम दोनों ने वापस आने का फैसला किया।
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लंदन से भारत लौटने के बाद गगनदीप और दिव्या ने यूपीएससी की तैयारी शुरू की। गगनदीप ने बिना किसी कोचिंग के वर्ष 2011 में यूपीएससी क्लीयर किया। इसके बाद उन्होंने दिव्या को भी प्रेरित किया। दिव्या ने वर्ष 2012 में पहली बार यूपीएससी क्लीयर किया। उन्हें गुजरात कैडर में आईपीएस का पद मिला। ट्रेनिंग के दौरान एकबार फिर दिव्या यूपीएएसी की परीक्षा में बैठीं।

 
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सीडीओ व एसपी देवरिया - फोटो : अमर उजाला
वर्ष 2013 में उन्होंने अपने पति की तरह आईएएस बनने में सफलता हासिल कर ली। दोनों ने अपने लक्ष्य को हासिल किया। दोनों को यूपी कैडर मिला। गगनदीप अभी भारत सरकार की सेवा में कानपुर में तैनात हैं। वहीं, दिव्या को अब देवरिया में डीएम की जिम्मेदारी मिली है।

27 वर्षीय युवा IAS प्रत्यूष पाण्डेय देवरिया जिले के मुख्य विकास अधिकारी हैं।इसके पहले बरेली में ज्वाइंट मजिस्ट्रेट थे। प्रत्युष कानपुर आईआईटी से ग्रेजुएशन किए और आईआईएम अहमदाबाद से एमबीए भी हैं। जिस साल प्रत्युष का एमबीए पूरा हुआ उसी साल उन्होंने पहले प्रयास में ही यूपीएससी परीक्षा भी पास की।

प्रत्यूष पाण्डेय अब तक देवरिया जिले में तैनात रहे आईएएस अधिकारियों में सबसे कम उम्र के हैं।


 
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