आधी रात में मदनपुर थाने पहुंचे आईजी, एसओ पर बिफरे
काजल हत्याकांड में दो दिन बाद भी केस दर्ज न करने पर जताई नाराजगी
मदनपुर थाने से हटाकर रुद्रपुर कोतवाल को दी गई केस की विवेचना
अमर उजाला ब्यूरो
रुद्रपुर। नकईल गांव की कक्षा नौ की छात्रा काजल के अपहरण और हत्या के मामले में मदनपुर पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। शनिवार की आधी रात में अचानक थाने पहुंचे आईजी जयनारायण सिंह दो दिन बाद भी हत्या का केस दर्ज न होने पर भड़क उठे। एसओ को हिदायत दी। आईजी के निर्देश पर देर रात पांच आरोपियों के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य छिपाने का केस दर्ज कराया। आईजी ने एसपी को मामले की विवेचना मदनपुर पुलिस से हटाकर रुद्रपुर के कोतवाल से कराने को निर्देश दिए।
21 अगस्त की शाम काजल की मां ने पुलिस को उसके अपहरण की सूचना दी। घटना के एक दिन बाद गांव के पास एक गड्ढे से उसका शव बरामद हुआ। मामले में मदनपुर पुलिस अपहरण का केस दर्ज कर खामोश हो गई। शनिवार की रात आईजी और एसपी डॉ. श्रीपति मिश्र मदनपुर पहुंचे। उन्होंने थानाध्यक्ष से काजल हत्याकांड मामले में अपहरण का केस दर्ज करने के बाद अगली कार्रवाई पूछी तो वह बगले झांकने लगे। उन्होंने घटना में किसी से पूछताछ भी न किए जाने पर थानाध्यक्ष को खरी-खोटी सुनाई। आईजी ने मामले में तुरंत हत्या करने और तथ्य छिपाने का केस दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार करने के निर्देश दिए। पुलिस ने आईजी के निर्देश पर मृतका के पिता विनोद की तहरीर पर गांव के अरविंद प्रजापति, अनूप प्रजापति, मोहन यादव, सुनील यादव और धनंजय साहनी पर केेस दर्ज किया। मृतका के पिता ने घटना के पीछे पुरानी रंजिश बताई है। मामले की विवेचना रुद्रपुर कोतवाल को सौंपी गई है। पुलिस हत्यारोपियों के गिरफ्तारी को दबिश दे रही है। विवेचना अधिकारी गिरजेश तिवारी ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं पर गंभीरता से जांच की जा रही है। जल्द ही आरोपी गिरफ्तार कर लिए जाएंगे।
नकईल के लोगों ने मदनपुर थाने का किया घेराव
रुद्रपुर। काजल हत्याकांड में गांव के पांच लोगों के खिलाफ केस दर्ज होने के बाद गांववालों ने रविवार को थाने का घेराव किया। उन्होंने निर्दोषों को फंसाने का आरोप लगाया। गांववालों के अनुसार काजल के परिवार वालों ने पुरानी रंजिश में पट्टीदारों के नाम तहरीर दी है। उन्होंने घटना की उच्चस्तरीय जांच की मांग की। पुलिस पहले से मामले को संदिग्ध मान कर चल रही थी, लेकिन कार्रवाई में देरी के कारण मदनपुर पुलिस को फजीहत होना पड़ रहा है। वैसे आईजी ने मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायोचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।