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अल्ट्रासाउंड के लिए डॉक्टर ने पति का नाम पूछा तो फफक पड़ी ज्योति, मांगा इंसाफ

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देवरिया के बरहज के पटेल नगर में डीजे बजाने से मना करने को लेकर हत्या मामले में पहुंचे कमिश्नर, आईज? - फोटो : DEORIA
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पति के अंतिम दर्शन को जिद पर अड़ी गर्भवती पत्नी, एंबुलेंस से ले जाया गया घर
पति की मौत से सदमे में आई पत्नी को दोपहर में जिला महिला अस्पताल में कराया गया भर्ती
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। साहब! मुझे इंसाफ चाहिए। मनबढ़ों ने आंखों के सामने मेरा सुहाग उजाड़ दिया। मैं बेबस बनी रही, कुछ नहीं कर पाई। आप तो सक्षम हैं। कोई आरोपी बचना नहीं चाहिए। रविवार को जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड के दौरान पति का नाम पूछे जाने पर सुमित की पत्नी ज्योति यह कहते हुए फफक पड़ी। उसकी बातें सुनकर मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। काफी देर तक ज्योति पति के अंतिम दर्शन की जिद पर अड़ी रही। गर्भ में पल रहे बच्चे की तबीयत का हवाला देते हुए अफसरों ने रोकना चाहा, लेकिन वह नहीं मानी। अंतत: डीएम के निर्देश पर एडवांस लाइफ सपोर्टिंग एंबुलेंस से एक चिकित्सक, स्टाफ नर्स और दाई की देख-रेख में ज्योति को बरहज ले जाया गया।
बरहज के पटेल नगर निवासी सुमित जायसवाल की शादी दो वर्ष पूर्व गोरखपुर के गोला बाजार निवासी दिनेश जायसवाल की बेटी ज्योति से हुई थी। शादी के एक वर्ष बाद ज्योति ने एक बेटी को जन्म दिया, लेकिन कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। इस समय वह छह माह की गर्भवती है। पति की हत्या से वह सदमे में चली गई। बिगड़ते सेहत को देखते हुए दोपहर में उसे जिला महिला अस्पताल लाया गया। यहां रेडियोलॉजिस्ट डॉ. एसपी श्रीवास्तव ने अल्ट्रासाउंड किया। इस दौरान जब पति का नाम पूछा गया तो ज्योति चिल्ला-चिल्ला कर रोने लगी। बोली कि अब वह मेरा साथ छोड़ चुके हैं। मैं गर्भ से हूं। मुझे सिर्फ इंसाफ चाहिए। वहां मौजूद पुलिस वाले भी भावुक हो गए। उसे काफी देर तक डॉक्टरों की देख-रेख में प्राइवेट वार्ड में रखा गया। महिला अस्पताल की सीएमएस डॉ. माला सिन्हा ने बताया कि अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट नार्मल है। पति की मौत से ज्योति सदमे में है। उसे डॉक्टरों की मौजूदगी में पति के अंतिम दर्शन के लिए घर भेजा गया है।
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इनसेट
नार्मल आया पिता का सीटी स्कैन
देवरिया। बीच-बचाव करने गए मृतक सुमित के पिता को भी मनबढ़ों ने नहीं बख्शा। उनके सिर पर भी लाठी-डंडे से प्रहार कर दिया। सीडीओ शिवशरणप्पा जीएन और सदर एसडीएम दिनेश मिश्रा घायल पिता को लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। इमरजेंसी में सीटी स्कैन कराया गया, लेकिन रिपोर्ट नार्मल रही। जिला महिला अस्पताल और जिला अस्पताल में पुलिस प्रशासन काफी देर तक पत्नी और घायल बेटे को लेकर जमे रहे।
कड़ी सुरक्षा में रगरगंज मुक्तिपथ पर हुआ अंतिम संस्कार
बरहज। पटेलनगर पश्चिमी वार्ड निवासी सुमित जायसवाल का शव को दोपहर में कड़ी सुरक्षा के बीच पोस्टमार्टम कराया गया। जिला मुख्यालय स्थित पोस्टमार्टम हाउस पर भारी भीड़ लगी रही। भीड़ के मद्देनजर पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद कुछ देर तक शव को रोका, ताकि भीड़ छंट जाए। शाम पांच बजे पोस्टमार्टम के बाद शव बरहज पहुंचा। यहां लोगों ने शव रखकर जाम लगाने की कोशिश, लेकिन प्रशासन की सतर्कता से कुछ देर में ही जाम समाप्त हो गया। मौके पर पहुंचे विधायक सुरेश तिवारी ने कार्रवाई के लिए आश्वस्त किया। इसके बाद शव को नगर के रगरगंज मुक्तिपथ ले जाया गया। देर शाम पुलिस-प्रशासन के अफसरों की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान अजीत जायसवाल, रवि जायसवाल, रामधनी गोंड़, सचिन सिंह, अमरेंद्र गुप्ता, मनोज गुप्ता, मुन्ना बर्नवाल, मुन्ना वर्मा, रिंकू सिंह, प्रदीप मद्धेशिया, पवन मद्धेशिया, अरविंद जायसवाल, राकेश जायसवाल, जगदीश जायसवाल, राजन गुप्ता आदि मौजूद रहे।
फोटो समाचार..
कोर्ट ने लगाई रोक, फिर कैसे बज रहा था डीजे
हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने डीजे बजाने पर लगाई थी पाबंदी, अनुपालन को बेपरवाह रहे अफसर
सूचना पर पहुंची पुलिस तो बस डीजे बंद कराकर लौट गई, गंभीरता दिखाती तो टल सकता था विवाद
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। हाल ही में सुप्रीम कोर्ट ने डीजे बजाने पर पाबंदी का आदेश जारी किया है। बावजूद इसके अनुपालन को लेकर जिम्मेदार गंभीर नहीं हैं। बरहज की घटना इसी लापरवाही का परिणाम है। आयोजकों की ओर से न तो डीजे बजाने की कोई अनुमति ली गई थी और न ही प्रशासन इससे अवगत था। हैरानी तो इस बात को लेकर भी है कि नगर क्षेत्र में तेज आवाज में लगातार दो दिनों से डीजे बजने के बाद भी पुलिस-प्रशासन के लोग इससे बेपरवाह ही बने रहे। शनिवार की रात जब सुमित के घरवालों ने 100 नंबर डॉयल कर पुलिस को सूचना दी तो मौके पर पहुंचने के बाद भी पुलिस ने कोई सख्त कदम उठाना मुनासिब नहीं समझा। डांट-फटकार कर डीजे बंद कराने की खानापूरी कर पुलिसकर्मी लौट गए। उनकी ढिलाई का ही असर रहा कि मनबढ़ों ने पुलिस के जाते ही शिकायतकर्ता के घर पर चढ़कर हमला बोला और सुमित को पीट-पीटकर मौत के घाट उतार दिया। घटना के बाद हर किसी के जेहन में यही सवाल था। लोग कहते रहे कि अगर जिम्मेदारों ने डीजे बजाने को लेकर कोर्ट के आदेश के अमल पर गंभीरता दिखाई होती तो शायद यह वारदात नहीं होती। अब प्रशासन डीजे बजाने की अनुमति न होने का हवाला देकर कार्रवाई की बात कह लकीर पीटने में लगी है।
नहीं खुली दुकानें, घरों में ही कैद रहे लोग
देवरिया। सीधे-सादे होनहार युवक की मौत से लोगों में गुस्सा था तो पल-पल बदलते माहौल से हर तरफ तनाव छाया रहा। मनबढ़ों के उत्पात और पुलिस की कार्रवाई को लेकर चेहरे पर भय भी साफ नजर आया। घटना के विरोध में सुबह सब्जी मंडी में 11, पैना रोड पर तीन, मछली मंडी में 10 दुकानों सहित अन्य दुकानों में तोड़फोड़ के रूप में कुछ देर तक बवाल के बाद से बरहज में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है। हालात को देखते हुए नगर में चप्पे-चप्पे पर फोर्स मुस्तैद है। पुलिस-प्रशासन के आला अफसर लगातार चक्रमण करते रहे। तनाव के चलते नगर की सभी दुकानें बंद रहीं। लोग पूरे दिन घरों में कैद रहे। प्रतिष्ठानों के बंद होने से सुरक्षाकर्मियों सहित अन्य लोग चाय-पानी आदि के लिए तरस गए। वाहनों का नगर से संचलन होने पर राहगीर साधन के लिए कपरवार, पैना, हरनौठा आदि जगहों तक पैदल दूरी तय करते दिखे।
बरहज में मजहबी रंग देने की कोशिश नाकाम
अमन पसंद लोगों ने सूझ-बूझ से लिया काम
सच्चिदानंद पांडेय
बरहज। डीजे बजाने से मना करने पर विवाद में व्यवसायी पुत्र सुमित उर्फ सन्नी जायसवाल की पीट-पीटकर हत्या के बाद कुछ लोगों ने मजहबी रंग देने की कोशिश की, लेकिन अमनपसंद लोगों ने सूझ-बूझ से काम लेते हुए अनंत महाप्रभु और बाबा राघवदास की कर्मस्थली को कलंकित होने से बचा लिया। पुलिस-प्रशासन के आला अफसरों के साथ विधायक सुरेश तिवारी व अन्य जनप्रतिनिधि पूरे दिन नगर में रहते हुए हालात पर नजर रखे हुए थे।
उन्होंने लोगों से शांति कायम रखने की अपील की। मां सरयू, व्यापार और अनंत महाप्रभु के सिद्धपीठ से बरहज की पहचान है। शनिवार की रात पटेल नगर पश्चिम निवासी सुमित जायसवाल की पीट-पीटकर हत्या की वारदात में दूसरे समुदाय के भी कुछ युवक शामिल थे। रविवार की सुबह शरारती तत्वों ने घटना को धार्मिक रंग देने के मकसद से तरह-तरह की अफवाह उड़ाई। लोगों की सूझ-बूझ से उनकी कोशिश नाकाम हो गई। अफसरों ने पीड़ित परिवार के सदस्यों को ढांढस बंधाते हुए हत्यारोपियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई किए जाने का आश्वासन दिया।
पूरे दिन गूंजता रहा ‘सायरन’
बरहज। कस्बे में बवाल के बाद पूरे दिन नगर में पुलिस-प्रशासन के अफसरों के वाहनों का सायरन गूंजता रहा। सुबह करीब साढ़े आठ बजे डीएम अमित किशोर, पुलिस कप्तान डॉ. एसपी मिश्र, एडिशनल एसपी शिष्यपाल सिंह, एडीएम वित्त राकेश पटेल, प्रशासन उमेश कुमार मंगला, एसडीएम रामविलास राम, सीओ अंबिकाराम, वरुन मिश्र, दिनेश सिंह यादव आदि पहुंच गए। पूरे दिन पुलिस के गाड़ियों का काफिला और उनका हूटर बजता रहा। जबकि नगर में ऐहतियात के तौर पर फायर ब्रिगेड, मदनपुर, रुद्रपुर, मईल, भलुअनी, सलेमपुर, गौरीबाजार थाना सहित गोरखपुर के थानों की पुलिस और पीएससी, हाक मोबाइल आदि बुला लिया गया था।
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युवजन सभा ने की हत्या की निंदा
देवरिया। समाजवादी युवजन सभा के कार्यकर्ताओं की बैठक रविवार को जेल रोड स्थित कैंप कार्यालय पर हुई। इसमें बरहज के युवक की हुई हत्या की निंदा की गई। सपा नेता विजय रावत ने कहा कि बरहज में युवक की हत्या प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। इससे साबित होता है कि प्रदेश में कानून व्यवस्था नाम की कोई चीज नहीं है। जिलाध्यक्ष रणवीर यादव ने कहा कि जहां युवक की हत्या की गई है वह जगह थाने से महज दस कदम की दूरी पर है। इस दौरान अमित प्रधान, वीरेंद्र प्रताप यादव, मनोज यादव, हरिओम यादव, इमरान खान, संजीव यादव, अविनाश चौहान, आशुतोष यादव आदि मौजूद रहे।
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