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Deoria News: खुला तो कहीं अधूरा नाला...बड़े खतरे हैं इस राह में

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बिना सुरक्षा इंतजाम के चल रहा नाले का निर्माण।
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देवरिया। शहर में कहीं अधूरा नाला तो कहीं खुले नाले से शहरियों की जान खतरे में है। निर्माणाधीन नालों के किनारे सुरक्षात्मक उपाय नहीं किए गए हैं। बाकी कई नालों पर स्लैब नहीं होने से खतरे की आशंका है। इसके चलते कई बार लोग हादसे की भेंट चढ़ चुके हैं।
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शहर में सीसी रोड के किनारे हनुमान मंदिर से लेकर कतरारी मोड़ तक और आगे अमेठी होते हुए कुर्ना नाला तक आरसीसी नाला निर्माणाधीन है। एक मीटर से अधिक गहरे और चौड़े इस नाले के निर्माण में पोकलेन और जेसीबी मशीनों से खुदाई कर गहरे गड्ढे बनाए जा रहे हैं।
इस गड्ढे में लोहे की छड़ें बांधकर ढलाई की जाती है। सड़क से बिल्कुल सटकर निर्माणाधीन इस नाले के किनारे सुरक्षात्मक बैरिकेडिंग नहीं की गई है। इसके चलते इसमें कभी राहगीरों के गिर जाने का खतरा है। खासकर रात के समय यह खतरा और बढ़ जाता है। उमानगर निवासी अमित सिंह ने बताया कि सीसी रोड से बिल्कुल सटकर नाला का निर्माण कराया जा रहा है। इसके किनारे बैरिकेड्स नहीं लगाए गए हैं। इसके चलते इसमें कभी भी गिरकर कोई हादसा हो सकता है। स्कूली बच्चे भी इधर से आते जाते हैं। अगर कोई गिरा तो इसमें निकली छड़ों में फंसकर गंभीर रूप से घायल हो सकते हैं या उसकी मौत हो सकती है।
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इसी तरह पुलिस लाइन की बाउंड्री से सटकर बनाए गए नाला के ऊपर फोरलेन से लेकर पुलिस लाइन गेट तक स्लैब नहीं डाला गया है। यह नाला भी सड़क से बिल्कुल सटकर बनाया गया है। सुबह शाम सैकड़ों की संख्या में लोग इस सड़क पर टहलते हैं। इसके अलावा वाहनों का आना जाना लगा रहता है। स्कूली बच्चे, आफिसर्स कालोनी में कामकाज करने वाले लोगों के अलावा खिलाड़ी और बहुत से लोगों का आना जाना लगा रहता है। सुबह मार्निंग वाक करने वाले उदयभान शर्मा ने बताया कि नाले पर स्लैब नहीं है।
दूसरे इसे सड़क से सटकर बनाया गया है। इससे इधर से आने जाने में डर लगता है। इधर से गुजरने वाले वाहनों से टहलने वाले लोगों को ठोकर लगने का भय बना रहता है। कोतवाली रोड पर भी नाला निर्माणाधीन है। इस नाले पर बनाने के बाद स्लैब डाला जा रहा है। पर निर्माण के समय बैरिकेडिंग नहीं की जा रही है। इसी सड़क पर राजकीय इंटर कालेज स्थित है।
काॅलेज में पढ़ने वाले सैकड़ों बच्चों का इधर से गुजरना होता है। ऐसे में निर्माण के समय सुरक्षात्मक उपाय नहीं होने से हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। कोतवाली चौराहे के पास जीआईसी प्रधानाचार्य के आवास की ओर नाला खुला है। मोड़ के ठीक बगल में खुला नाला होने से हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता है। जयंत चौबे ने बताया कि यातायात पुलिस ने स्लैब नहीं होने से बैरिकेड्स लगा रखा है। पर जिम्मेदार विभाग इस पर स्लैब नहीं लगा पा रहा है। वहीं फोरलेन पर एसएसबीएल स्कूल के पास भी मुख्य नाले का कुछ हिस्सा खुला हुआ है। इससे लोगों को खतरा बना रहता है।
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