देवरिया/बरियारपुर। शहर के न्यू कॉलोनी निवासी एवं झारखंड के सरायकेला खरसावा जिले के डीएम रविशंकर शुक्ला को 21 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सम्मानित करेंगे। उनका चयन प्राइम मिनिस्टर अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन 2024 के लिए हुआ है। आकांक्षी योजना के तहत वहां के निवासियों के शिक्षा, स्वास्थ्य, जल, सड़क, रोजगार सहित अन्य विकास कार्यों में बेहतर कार्य के लिए उनको किया जाएगा। न्यू काॅलोनी निवासी स्व. रमाशंकर शुक्ला झारखंड के धनबाद में जिला जज रहे। उनके छोटे पुत्र रविशंकर शुक्ला झारखंड के वर्ष 2012 बैच के अधिकारी हैं। शहर के कलिंद बिहार स्कूल खरजरवा से पांचवीं कक्षा उत्तीर्ण करने के बाद जमशेदपुर के करीम सिटी कॉलेज से पढ़ाई की।
स्नातक लखनऊ विवि से पांच वर्षीय इंट्रीग्रेटेड लॉ किया। इसमें इन्हें स्वर्ण पदक प्राप्त किया और तत्कालीन राष्ट्रपति रहे डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने सम्मानित किया। इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ लॉ बेंगलुरु से एलएलएम किया। इसी दौरान 2010 में मानवाधिकार पर रिसर्च करने स्वीट्जरलैंड भारत सरकार के सहयोग से गए। जेआरएफ क्वालीफाई करने के बाद दिल्ली विश्वविद्यालय से पीएचडी की।
2011 से दिल्ली के मुखर्जीनगर में रहकर सिविल सेवा की तैयारी करने लगे और पहले प्रयास में ही चार मई 2012 को उनका चयन भारतीय प्रशासनिक सेवा में हुआ। उन्होंने इसमें 39वीं रैंक हासिल की। झारखंड में प्रथम बार चाइबासा के चक्रधरपुर में एसडीएम पद पर नियुक्ति मिली। 26 दिसंबर 2016 को डीएम के पद पर लातेहार जिले में तैनाती मिली।
इसके बाद हजारीबाग, पूर्वी सिंहभूमि, दुमका के डीसी रहे। इसके बाद टाटानगर के डीएम भी रहे। कोरोना काल में एनआरएचएम के डायरेक्टर हुए। वर्तमान में सरायकेला के उपायुक्त हैं। इनकी पत्नी डॉ.नेहा शुक्ला भी झारखंड में शिक्षा विभाग की डायरेक्टर व बड़े भाई श्रीप्रकाश कुमार शुक्ला गोरखपुर में सांख्यिकी अधिकारी हैं। इधर, भारत सरकार की ओर से झारखंड के सरायकेला खरसावां जिले के गम्हरिया प्रखंड का चयन प्राइम मिनिस्टर अवार्ड फॉर एक्सीलेंस इन पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन 2024 के लिए हुआ है।
गम्हरिया आकांक्षी प्रखंड कार्यक्रम में देश भर में अव्वल आया है। कार्यक्रम को धरातल पर उतारने में रविशंकर शुक्ला ने कड़ी मेहनत की। यह पुरस्कार 21 अप्रैल को सिविल सेवा दिवस के अवसर पर नई दिल्ली के विज्ञान भवन में दिया जाएगा। उनके चाचा सेवानिवृत्त सूबेदार विनोद शुक्ल ने रविवार को बताया कि वह पुरस्कार लेने दिल्ली रवाना हो चुके हैं।प