देवरिया जिले के तरकुलवा थानाक्षेत्र के बसंतपुर धूसी गांव में शुक्रवार की रात को दिल दहलाने वाली घटना को अंजाम देने वाली आरोपी मां संध्या पुलिस के सामने जुर्म कबूल करने के दौरान फूट-फूट कर रोने लगी। जब पुलिस ने घटना के कारणों के बारे में जानना चाहा तो बोली कि हमने बेटियों को नदी में फेंका, लेकिन उस रात पता नहीं हमने ऐसा जघन्य अपराध क्यों कर दिया। पति से तकरार होती थी क्योंकि वह मनमौजी थे।
बसंतपुर गांव निवासी बृजवासी की छोटी बेटी आयुषी (6) का शव रविवार को छोटी गंडक नदी के पंचरुखिया घाट से बरामद हुआ था। जबकि एक दिन बाद सोमवार को बड़ी बेटी अनीशा (11) का शव रतनपुरा गांव के पास नदी से बरामद कर लिया था। मृत बच्चियों के पिता बृजवासी की तहरीर पर पुलिस ने आरोपी पत्नी संध्या के खिलाफ हत्या कर शव को नदी में फेंकने का मुकदमा दर्ज कर सोमवार को त्रिमुहानी नदी के पास से गिरफ्तार कर लिया।
बेटियों को बारी-बारी से नदी में फेंका
आरोपी मां ने पुलिस के सामने दोनों बेटियों को छोटी गंडक नदी में ले जाकर फेंकने के गुनाह को कबूल किया है। थानाध्यक्ष टीजे सिंह ने बताया कि आरोपी महिला संध्या ने बताया कि वह रात में घर से बेटियों से बात करते हुए छोटी गंडक नदी के कैथवलिया पुल के पास गई और बारी-बारी दोनों को नदी में फेंक दी। उसने पुलिस को बताया कि इतना बड़ा गुनाह उससे कैसे हो गया वह खुद नहीं समझ पा रही है।
काफी प्रयास किया गया कि अन्य कोई कारण हो तो सामने आए, लेकिन महिला ने ऐसी कोई बात नहीं बताई। इतना जरूर है कि पति से आए दिन झगड़ा होता था। इसके पीछे सबसे बड़ी वजह यह है कि पति कमाता नहीं था। इसके कारण संध्या अपनी जिंदगी में अभाव महसूस करती थी।
एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि महिला ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है। इसकी वीडियोग्राफी कराई गई है। नदी में फेंकने के पीछे क्या कारण है। यह महिला खुद नहीं बता पा रही थी। उसने पुलिस को बताया है कि घटना की रात उसे पता नहीं अचानक ऐसा कैसे दिमाग में आ गया और बेटियों को नदी में फेंक दिया।