सिद्धार्थनगर। भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र अब दो लाख की आबादी के लिए समर्पित हो जाएगा। लगभग एक साल पहले जर्जर भवन के कायाकल्प के साथ नये और मॉडल भवन का निर्माण शुरु हुआ था। शुक्रवार को राज्यसभा सांसद बृजलाल के उद्घाटन के बाद यह अस्तित्व में आ गया और लोगों को इलाज में सहूलियत मिलना शुरु हो गया।
भनवापुर ब्लॉक क्षेत्र के लोगों के इलाज के लिए बना प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर क्षेत्र के करीब दो लाख की आबादी के इलाज का बोझ था। पिछले कई साल से अस्पताल जर्जर होने के कारण बारिश में बढ़ी समस्या होती थी। क्योंकि, छत टपकता था। इसके साथ ही अन्य परेशानी होती थी। जिससे इलाज के लिए आने लोगों को परेशानी होती थी। लगभग एक साल पहले डीएम डॉ. राजागणति आर की पहल पर राज्यसभा सांसद बृजलाल ने अस्पताल के कायाकल्प और मॉडल बनाने के लिए अपने मद से बजट दिया था। अस्पताल का निर्माण शुरु होने के बाद किसी प्रकार से इधर- अधर व्यवस्था चल रही थी। शुक्रवार को अस्पताल जनता को समर्पित कर दिया गया। कहा जाए तो लंबे इंतजार के बाद आखिरकार क्षेत्र की दो लाख से अधिक आबादी को बड़ी सौगात मिल गई है। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भनवापुर अब अपने नए और आधुनिक भवन में शिफ्ट हो गया है और आज से यहां नियमित ओपीडी सेवाएं शुरू हो जाएंगी। लगभग एक वर्ष पूर्व शुरू हुए निर्माण कार्य के पूरा होने के बाद लोकार्पण के साथ अस्पताल को जनता को समर्पित किया जाएगा। इससे अब मरीजों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा और क्षेत्र में ही बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। अबतक भवन के अभाव में सीमित संसाधनों के बीच स्वास्थ्य सेवाएं संचालित हो रही थीं। जगह की कमी, भीड़भाड़ और मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण मरीजों और तीमारदारों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था।
कई बार गंभीर मरीजों को जिला अस्पताल रेफर करना पड़ता था, जिससे समय और धन दोनों की हानि होती थी। लेकिन नए भवन में पर्याप्त बेड क्षमता, सुव्यवस्थित वार्ड, स्वच्छ एवं हवादार कक्ष, प्रसव कक्ष की बेहतर व्यवस्था, पैथोलॉजी लैब, टीकाकरण कक्ष, दवा वितरण काउंटर और प्रतीक्षालय जैसी सुविधाएं विकसित की गई हैं।
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार अस्पताल में नियमित ओपीडी के साथ सामान्य बीमारियों की जांच और उपचार की व्यवस्था रहेगी। बिजली, पानी, शौचालय और स्वच्छता पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि मरीजों को बेहतर माहौल मिल सके। ग्रामीण अंचल के लोगों के लिए यह अस्पताल जीवनरेखा साबित हो सकता है। खासकर बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को अब समय पर इलाज मिल सकेगा।
प्रसूता महिलाओं को भी स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से जोखिम कम होगा। क्षेत्रीय लोगों ने अस्पताल के नए भवन को स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।