फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

1848 जगहों पर आज जलेगी होलिका, सूर्यास्त बाद 12:40 बजे तक मुहूर्त

विज्ञापन
विज्ञापन
1848 जगहों पर आज जलेगी होलिका, सूर्यास्त बाद 12:40 बजे तक मुहूर्त
विज्ञापन

देवरिया। रविवार को शुभ मुहूर्त में जनपद के 1848 जगहों पर होलिका दहन किया जाएगा। 12:40 बजे तक होलिका जलाई जा सकेगी। पुलिस अधीक्षक डॉ. श्रीपति मिश्र ने पुलिस को मुस्तैद रहने का आदेश दिया है। उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को हर पल विशेष नजर रखते हुए होली पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए कहा है।
29 मार्च को रंगभरी होली मनाई जाएगी। घरों में इसकी तैयारियां शुरू हो गई हैं। महिलाएं साफ-सफाई में जुटी हैं। बाजार में भी विभिन्न प्रकार की पिचकारियां, रंग-अबीर-गुलाल की खरीदारी शुरू हो गई है। ज्योतिषाचार्य पं. विवेक उपाध्याय एवं रिलीजियस स्कालर सोसायटी के पं.शरद चंद मिश्र के अनुसार 28 मार्च को सूर्योदय 5:55 मिनट पर और पूर्णिमा तिधि का मान संपूर्ण दिन और रात को 12:40 बजे तक होलिका दहन किया जा सकेगा।
विज्ञापन

जिले के 1185 गांवों के अलावा शहर के विभिन्न स्थानों पर होलिका दहन रविवार की रात में होगा। इसमें सबसे अधिक सदर कोतवाली क्षेत्र में है। पुलिस सूत्रों की बातों पर गौर किया जाए तो पंचायत चुनाव और होली त्योहार को देखते हुए आला अफसरों ने बीट सिपाही से लेकर थानेदार तक को हर गतिविधि पर नजर रखने को कहा है। पुलिस ने होलिका दहन वाले करीब दो दर्जन से अधिक जगहों को संवेदनशील के रूप में चिह्नित किया है। यहां पर पुलिस के जवानों को होलिका दहन के समय मौजूद रहने को कहा गया है। एसपी ने थानेदारों को होलिका दहन की रात में गश्त तेज करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन

ज्योतिषाचार्य पं.विवेक उपाध्याय एवं रिलीजियस स्कालर सोसायटी के पं.शरद चंद मिश्र के अनुसार 28 मार्च को सूर्योदय 5:55 मिनट पर और पूर्णिमा तिधि का मान संपूर्ण दिन और रात को 12:40 बजे तक, पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र सायंकाल 5:38 मिनट तक, इसी प्रकार वृद्धि योग भी रात को 10:19 बजे तक रहेगा। इस दिन मित्र नामक औदायिक योग है, जो मैत्री भाव की संवृद्धि का सूचक है। होली इसी दिन जलाई जाएगी, क्योंकि फाल्गुन पूर्णिमा के दिन ही भद्रारहित समय में होलिकादहन किया जाता है। उन्होंने बताया कि धर्मशास्त्र के अनुसार, होली की पूर्णिमा सायंकाल के समय भद्रा से रहित होनी चाहिए। दिन में होली नहीं जलाई जाती है। इसी प्रकार होली के दिन यदि पूर्वविद्धा अथवा प्रदोषव्यापिनी पूर्णिमा हो और भद्रा रहे तो भद्रा की समाप्ति के बाद या भद्रा की समाप्ति के समय होली जलाई जाती है। रविवार को भद्रा की समाप्ति दिन में ही 9:33 मिनट पर हो रहा है और सूर्यास्त 6:05 है। पूर्णिमा रात 12:40 मिनट तक है। अत: सूर्यास्त 6:05 मिनट के बाद और रात 12:40 बजे तक कभी भी होलिका जलाई जा सकती है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें