संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सलेमपुर कोतवाली में दुष्कर्म के आरोपी को पांच दिन तक अवैध हिरासत में रखने के आरोप से जुड़े प्रकरण में शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। कोर्ट नहीं बैठने के कारण मामले की सुनवाई टल गई।
अब अगली तारीख निर्धारित होने के बाद सुनवाई होगी। इस प्रकरण में हाईकोर्ट ने सलेमपुर कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज और गिरफ्तारी से जुड़े अभिलेख तलब किए हैं।
सलेमपुर कोतवाली में युवक को अवैध रूप से हिरासत में रखने के आरोप को लेकर हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दाखिल की गई है। नौ अक्तूबर को सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता पक्ष ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए थे।
आरोप लगाया था कि युवक को कई दिन तक थाने में रखने के बाद उसकी गिरफ्तारी दिखाई गई। याचिका में बताया गया कि युवक और युवती ने अंतरजातीय विवाह किया था।
आरोप है कि युवती के पिता को यह विवाह स्वीकार नहीं था। पुलिस की मिलीभगत से दोनों को 24 अगस्त को पुणे से लाया गया और 27 अगस्त की रात सलेमपुर कोतवाली पहुंचाया गया।
याचिकाकर्ता पक्ष ने युवक को 29 अगस्त से अवैध हिरासत में रखने और दो सितंबर को औपचारिक गिरफ्तारी दिखाकर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने का आरोप लगाया। हाईकोर्ट ने मामले में 27 अगस्त की शाम छह बजे से दो सितंबर की रात 10 बजे तक सलेमपुर कोतवाली के सीसीटीवी फुटेज तलब किए थे। राज्य सरकार से जवाबी हलफनामा भी मांगा गया था। अदालत ने सीसीटीवी कैमरे बंद होने का दावा किए जाने की स्थिति में राज्य के विरुद्ध प्रतिकूल निष्कर्ष निकाले जाने की चेतावनी दी थी।
प्रकरण में तत्कालीन कोतवाल विनोद सिंह और विवेचक को निलंबित किया जा चुका है। शुक्रवार को हाईकोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित थी मगर कोर्ट नहीं बैठने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हो सकी।
याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अवधेश कुमार ने शुक्रवार को अदालत न बैठने और सुनवाई टल जाने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों ने भी सुनवाई टलने की बात कही।