बैतालपुर। बैतालपुर स्थित पेट्रोलियम डिपो के आसपास देवरिया-गोरखपुर मार्ग पर किनारे खड़े रहने वाले तेल टैंकर राहगीरों के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।
डिपो में तेल भरवाने अथवा खाली करने की बारी के इंतजार में चालक टैंकरों को सड़क के किनारे ही खड़ा कर देते हैं। भारी-भरकम टैंकरों की यह बेतरतीब पार्किंग फोरलेन पर हादसों का खतरा बढ़ा रही है।
रविवार की देर रात डिपो के पास हुआ भीषण सड़क हादसा भी इसी गंभीर समस्या की ओर इशारा करता है। देवरिया से गोरखपुर जा रही सात सीटर कार डिवाइडर पार कर सामने से आ रही दूसरी कार से टकरा गई थी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों वाहनों में सवार आठ लोग घायल हो गए थे, जबकि एक चालक की मौत हो गई थी।
हादसे के बाद एक कार में आग लगने से स्थिति और भयावह हो गई थी। पुलिस और फायर ब्रिगेड की तत्परता से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, वरना डिपो के आसपास खड़े वाहनों के कारण खतरा और बढ़ सकता था। बिना पर्याप्त प्रकाश और सुरक्षा संकेतों के खड़े टैंकर तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक अवरोध बन सकते हैं। टैंकर चालकों की मनमानी के साथ जिम्मेदार विभागों की अनदेखी भी सवालों के घेरे में है।
क्षेत्र के राजेंद्र सिंह, बसंत मणि त्रिपाठी, राजन यादव, सद्दाम हुसैन, योगेंद्र गुप्ता, ओम प्रकाश चौहान आदि का कहना है कि हादसा होने के बाद रास्ता खाली कराने के बजाय हादसे से पहले ही टैंकरों की बेतरतीब पार्किंग पर रोक लगनी चाहिए। डिपो के आसपास निर्धारित पार्किंग स्थल, नो-पार्किंग जोन और रात में विशेष निगरानी की व्यवस्था जरूरी है, ताकि फोरलेन को तेल टैंकरों की पार्किंग नहीं बल्कि सुरक्षित यातायात का मार्ग बनाया जा सके।
इस संबंध में गौरी बाजार के प्रभारी निरीक्षक मृत्युंजय राय ने बताया कि डिपो के आसपास मुख्य मार्ग या फोरलेन के किनारे टैंकर खड़े करना यातायात के लिए गंभीर समस्या है। सड़क पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। डिपो प्रबंधन और संबंधित लोगों से भी इस संबंध में समन्वय किया जाएगा ताकि वाहनों की पार्किंग व्यवस्थित स्थान पर हो और यातायात प्रभावित न हो।