देवरिया में पिछले 24 घंटे में आग की आठ घटनाओं में 182 एकड़ फसल जल गई। खुखुुुंदु में अपने ही सामने फसलों को जलता देख किसान रो पड़े।
खुखुंदू क्षेत्र के मरहवा गांव के बाहर गेंहू की फसल में बृहस्पतिवार को दोपहर एक बजे अचानक आग लग गई। गांव वाले अभी कुछ समझ पाते कि पछुआ हवा की तेज थपेड़ों से आग ने उग्र रूप ले लिया। आग का कहर टेकनपुरा से शुरू होकर मरहवा, बभनी, सकरापार और रूस्तमपुर, बीरजापुर झंगटौर गांव के किसानों के करीब 150 एकड़ से अधिक गेहूं की फसल जल राख हो गई।
वहीं बिरजापुर झंगटौर गांव निवासी हरदेव चौहान के मुर्गी फार्म में आग लगने से 100 चूजे जल गए। लार के मंगरइचा में भूसा बनाने वाली मशीन से निकली चिंगारी से गेंहू की डंठल में आग पकड़ ली। इसमें हरि पासवान का खपड़ैल का घर जल गया। इस आग की घटना में बाइक समेत डेढ़ लाख रुपये का सामान जलकर राख हो गया। वहीं भरत प्रजापति, परशुराम चौहान, झींगुर की करीब पांच एकड़ गेहूं की फसल जल गई। मईल के गोड़वली गांव निवासी स्वामीनाथ की एक बीघा गेहूं जलकर गया।
वहीं देवरिया कोतवाली के रघवापुर में कुछ क्रिकेट खेलने के लिए मैदान तैयार कर रहे थे। इसके लिए उन्होंने गेंहू के डंठल में आग लगा दी। हवा के कारण यह आग रघवापुर निवासी प्रभुदयाल के खेत तक पहुंच गई। सूचना पर पहुंची दमकल टीम ने आग पर काबू पा लिया। आग से करीब एक एकड़ फसल जल गई। बैतालपुर प्रतिनिधि के अनुसार, गौरीबाजार क्षेत्र के बलुआ गांव में बुधवार रात शॉर्टसर्किट से लगी आग से बीस किसानों की 25 एकड़ गेहूं की फसल जल गई। ढाई घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया।
बलुआ गांव की सीमा पर खिरहा में ट्रांसफार्मर लगा है। रात में ट्रांसफार्मर से निकली चिंगारी से बलुआ के कौशल किशोर मणि के खेत में आग लग गई। कंचनपुर प्रतिनिधि के अनुसार, बुधवार रात तरकुलवा थानाक्षेत्र के कैथवलिया गांव में संदिग्ध हालात में आग लग गई। आग से राना राव, किशोर, कमलेश सहित चार लोगों के करीब छह एकड़ गेहूं की फसल जल गई।