देवरिया। जिला पंचायत बोर्ड की बैठक में कृषि, नलकूप, जलनिगम के मामले छाए रहे। सदस्यों ने हैंडपंप आवंटन और सोलर लाइट के आवंटन में अपना हिस्सा मांगा। अधिकारियों ने शासनादेश की बात कह पल्ला झाड़ लिया। बिजली की कटौती परेशानी का सबब बनी रही।
जिला पंचायत अध्यक्ष रामप्रवेश यादव की अध्यक्षता में बैठक शुक्रवार को 11 बजे से शुरू हुई। पिछली कार्रवाई की पुष्टि के साथ ही अधिकारियों ने कार्य के बारे में सदन को अवगत कराया गया। सदस्यों के तीखे सवाल का सामना करना पड़ा। बिजली की कटौती बैठक के दौरान परेशानी का सबब रही। हालत यह रही कि मोबाइल के टॉर्च की रोशनी से प्रस्ताव को पढ़कर सुनाया गया।
काफी देर के बाद जेनरेटर चालू हो सका। अधिशासी अभियंता बिजली एसके ओझा अपने विभाग के बारे में जानकारी दे रहे थे। इसी बीच बिजली गुल हो गई। सदस्यों ने महकमे के कार्यप्रणाली पर चुटकी ली। जिला पंचायत सदस्य धर्मेंद्र सिंह ने भटनी-नोनापार के बीच पुलिया के टूटने और देहात इलाके शौचालय की गुणवत्ता पर सवाल उठाया।
उनका कहना था कि शौचालय निर्माण की स्वीकृति के लिए धन उगाही की गई है। इसके चलते मानक की अनदेखी हुई है। मुकुल सिंह ने नलकूपों के नहीं चलने का मामला उठाया। अधिशासी अभियंता संदीप कठेरिया ने बताया कि बिजली दोष के चलते नलकूप बंद है।
सीडीओ यशु रुस्तगी ने बिजली विभाग को जल्द से जल्द नलकूप ठीक कराने का निर्देश दिया। अशोक यादव ने मझौलीराज-भाटपाररानी सड़क निर्माण पूरा नहीं होने पर कार्रवाई की मांग की। जिला पंचायत इंदूपुर की दुकानों के पुनर्निर्माण और अन्य जगहों पर दुकानों के निर्माण के मुद्दे पर सदस्य बंट गए।
कृपाशंकर उपाध्याय ने कहा कि दुकान नहीं बल्कि क्षेत्र का विकास होना चाहिए। उन्होंने जिला पंचायत की जमीन पर कब्जा पर रोकने की मांग की। अपर मुख्य अधिकारी हरिओम नारायण चंद्र, डीडीओ मंशाराम यादव, डीआईओएस देवेंद्र सिंह, कार्यक्रम अधिकारी पीके सिंह, अधिशासी अभियंतागण आरके चौधरी और आरबी राम, विकलांग जन विकास अधिकारी अनूप सिंह, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी रत्नरेश सिंह के अलावा सदस्यों में परवेज आलम, अजय यादव, रविप्रकाश सिंह, प्रेमलता सिंह, लैला खातून, शिव गोंड, सिकंदर आदि मौजूद रहे।