सैंपल लेने में देरी पर कोरोना संदिग्धों ने किया हंगामा
एक घंटे इंतजार के बाद शुरू हुई सैंपलिंग, 74 लोगों के भेजे गए सैंपल
320 लोगों का हुई स्क्रीनिंग, 29 लोगों की जांच रिपोर्ट आई निगेटिव
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। सैंपल लेने में देरी होने पर आइसोलेशन वार्ड के बाहर कोरोना संदिग्धों ने हंगामा किया। मामला इतना बढ़ गया कि पुलिस बुलानी पड़ी। पुलिस की मौजूदगी में 74 संदिग्धों के सैंपल जांच के लिए गोरखपुर मेडिकल कॉलेज भेजे गए। वहीं, 320 से अधिक महानगरों से आए लोगों की स्क्रीनिंग हुई। वहीं, 29 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
जिला अस्पताल में थर्मल स्क्रीनिंग के लिए कतार में खड़े लोग आपस में धक्का-मुक्की कर रहे थे। पुलिस के मना करने के बाद भी नहीं मान रहे थे। थर्मल स्क्रीनिंग के बाद संदिग्धों को आइसोलेशन वार्ड में भेजा गया। सैंपल लेने में देरी होने पर संदिग्ध लोग हंगामा करने लगे। स्वास्थ्यकर्मियों पर मनमानी का आरोप लगाते हुए सैंपल शुरू करने की मांग की। वहां मौजूद सिपाहियों ने लोगों को शांत कराया और इसके बाद सैंपलिंग शुरू हुई। शाम तक 74 लोगों के सैंपल लिए गए। इस बाबत सीएमओ डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि 29 लोगों की जांच रिपोर्ट निगेटिव आई। 74 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
‘कोरोना संदिग्धों का बॉयोवेस्ट फेंकने के बजाए जलाया जाए’
देवरिया। कृषि सचिव और जिला कोविड-19 के नोडल विद्यासागर सिंह ने कोरोना को लेकर चल रही तैयारियों का हाल सोमवार को जाना। जिला अस्पताल पहुंचे नोडल अफसर ने बॉयोवेस्ट से जुड़ी जानकारी ली। उन्होंने कहा कि कोरोना संदिग्ध या कोरोना वार्ड में उपयोग होने वाले बॉयोवेस्ट को जलाने के निर्देश दिए। अभी तक कचरा फेंका जता था। महामारी को देखते हुए जिले में क्वारंटीन सेंटर एलवन अस्पताल बनाने का कार्य चल रहा है। कोविड-19 के नोडल अफसर रेनुका इन, अशोका होटल, होटल ट्यूलिप पहुंचे। यहां कोरोना मरीजों को देखने वाले डॉक्टर और पैरामेडिकल को ठहरने का इंतजाम किया गया है। इसके बाद वह सेंट्रल एकेडमी पहुंचे, यहां पर 100 बेड से अधिक का क्वारंटीन सेंटर बना है, इसे और बेहतर करने के निर्देश दिए। परसिया चंदौर सीएचसी पर बन रहे कोरोना एलवन अस्पताल को देखा। सीएमएस से कहा कि सामान्य कचरा को कहीं फेंका नहीं जाएगा। कोरोना वार्ड, कोरोना संदिग्धों की ओर से उपयोग होने वाली वस्तुएं तथा ड्यूटी में लगे कर्मचारी के उपयोगी के बाद फेंकने वाले सामग्री को जलाने के निर्देश दिए। इस दौरान सीएमओ डॉ. आलोक कुमार पांडेय, जिला कृषि अधिकारी मोहम्मद मुजम्मिल, सीएमएस डॉ. छोटेलाल आदि मौजूद रहे।