वोटों का समीकरण साधने में जुटे ग्राम प्रधान
देवरिया। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के लिए प्रत्याशी वोटों के समीकरण साधने में जुट गए हैं। ग्राम प्रधान पंचायतराज विभाग का चक्कर लगा रहे हैं। कोई आरक्षण में बदलाव की सिफारिश कर रहा तो कोई उसे बचाने की जुगत में लगा है। नगर निकायों के सीमा विस्तार के प्रस्ताव को देखते हुए ग्राम पंचायतों का दायरा घटने-बढ़ने के कयास तेज हो गए हैं।
नगर पालिका परिषद गौरा बरहज के सीमा विस्तार के लिए गजट भी जारी हो गया है। जल्द ही यहां की छह ग्राम पंचायतें नगर पालिका में समाहित हो जाएंगी। इसके अलावा नगर पालिका परिषद देवरिया में 30 गांव व रुद्रपुर नगर पंचायत के सीमावर्ती सहित 15 गांवों को नगर में शामिल करने का प्रस्ताव शासन में लंबित है। यह प्रस्ताव मंजूर हुए तो ग्राम पंचायतों के आंकड़े में भारी फेरबदल होगा। अधूरे ग्राम पंचायतों को जनसंख्या के मानक पर उतारने के लिए परिसीमन की आवश्यकता पड़ेगी। अवसर को अपने पाले में लाने के लिए प्रधान प्रत्याशी एड़ी चोटी का जोर लगाए हुए हैं। पंचायतराज विभाग के कार्यालय पर प्रधानों ने आवाजाही तेज कर दी है।
जातीय समीकरण साधने पर जोर
ग्राम पंचायतों के परिसीमन को लेकर प्रत्याशी जातीय समीकरण साधने की जुगत में हैं। हर कोई अपनी जाति के बाहुल्य इलाकों को ग्राम पंचायत का हिस्सा बनाने पर जोर दे रहा है। कुछ लोग आरक्षण कार्ड के जरिये अपनी उम्मीदवारी को प्रभावी बनाने में जुटे हैं।
रामपुर और बरियारपुर के परिसीमन का है निर्देश
गौरीबाजार ब्लॉक के रामपुर ग्राम पंचायत की 3267 व रामपुर कारखाना ब्लॉक की 15043 जनसंख्या नगर पंचायत में सम्मिलित हुई है। बाकी बची आबादी को अन्य ग्राम पंचायतों में समाहित किया जाना है। इसके अलावा अन्य किसी ग्राम पंचायत के परिसीमन को लेकर शासन से कोई निर्देश प्राप्त नहीं है।
- आनंद प्रकाश श्रीवास्तव, डीपीआरओ