देवरिया। शहर में यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने के लिए लगाए गए डायवर्जन में जीपीएस सिस्टम बाधा बनता जा रहा है। विशेषकर पेट्रोलियम पदार्थ, गैस सिलिंडर और अन्य ज्वलनशील सामग्री ले जाने वाले ट्रक तय डायवर्जन का पालन नहीं कर पा रहे हैं। पुलिस के अनुसार इन वाहनों की आवाजाही कंपनी के जीपीएस सिस्टम से नियंत्रित होती है, जिससे चालक अपने स्तर पर मार्ग परिवर्तन नहीं कर सकते। इसलिए अब संबंधित कंपनियों को बाईपास मार्ग के विकल्प को अपडेट करने के लिए पत्र लिखा जाएगा।
जानकारी के अनुसार, पेट्रोलियम कंपनियों और गैस एजेंसियों के ट्रकों की लोकेशन कंपनी गेट से लेकर गोदाम तक जीपीएस के माध्यम से लगातार ट्रैक की जाती है। निर्धारित रूट से हटते ही सिस्टम में अलर्ट चला जाता है, जिसके चलते चालक डायवर्जन के बावजूद पुराने रास्ते से ही गुजरने को मजबूर होते हैं। इससे शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में भारी वाहनों की आवाजाही बनी रहती है और जाम की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।
बैतालपुर की तरफ से सलेमपुर और बरहज की तरफ जाने वाले ट्रक व टैंकरों को बाईपास के रास्ते ले जाने में सबसे बड़ी बाधा जीपीएस की आ रही है। क्योंकि जीपीएस में लोकेशन मेन रोड का है, जबकि बाईपास सात से आठ किलोमीटर घूमकर जाता है।
यातायात पुलिस के अधिकारियों का कहना है कि कई बार चालकों को डायवर्जन का पालन करने के लिए रोका गया, लेकिन उन्होंने जीपीएस की मजबूरी बताई। ऐसे में पुलिस अब इस समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में कदम उठाने जा रही है।
ट्रैफिक पुलिस की ओर से पेट्रोलियम और गैस से जुड़ी कंपनियों को पत्र भेजकर डायवर्जन मार्ग को जीपीएस सिस्टम में अपडेट कराने का अनुरोध किया जाएगा, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो और नियमों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।