देवरिया। गोमाता की रक्षा के लिए यात्रा पर निकले ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद मंगलवार को देवरिया पहुंचे। उनका जगह-जगह स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार गो माता को राज्य माता व केंद्र सरकार राष्ट्र माता घोषित करे और गाय को पशु की सूची से निकाल कर माता की सूची में शामिल करे।
उन्होंने कहा कि गो माता के प्राणों की रक्षा के लिए जितना यत्न भारत में हुआ, अगर उतना पाकिस्तान में होता तो वहां भी उनको राष्ट्रमाता घोषित कर दिया जाता। दुर्भाग्य है कि भारत में खुद को हिंदूवादी कहने वाली सरकार सुन नहीं रही है।
शंकराचार्य ने कहा गोमाता की रक्षा एवं प्रतिष्ठा के लिए सरकार को स्वयं संज्ञान लेकर कानून बनाना चाहिए था। अब समय आ गया है कि सनातनी राजनीति प्रारंभ कर गोमाता के प्राणों एवं सनातनी मूल्यों की रक्षा की जाए।
गो संरक्षण का दिलाया संकल्प : भटनी। स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने मंगलवार को क्षेत्र के विभिन्न स्थानों पर पहुंचकर गो संरक्षण और सनातन धर्म के सुदृढ़ीकरण का संदेश दिया।
वह बनकटा शिव स्थित श्रीलक्ष्मी नारायण मंदिर और जिगिना दीक्षित गांव स्थित अनाथ गो आश्रम पहुंचे, जहां विधिवत पूजन-अर्चन किया। इसके बाद उपस्थित लोगों को गो रक्षा का संकल्प दिलाया और कहा कि सनातन परंपरा में गो सेवा का विशेष महत्व है।
उन्होंने समाज से सनातन धर्म को मजबूत करने का आह्वान किया। इससे पहले खोरीबारी गांव स्थित एक निजी विद्यालय में उन्होंने विश्राम किया। खुखुंदू चौराहे पर श्रीमद्भागवत गीता भेंट की गई : खुखुंदू। गविष्टी यात्रा के दौरान मंगलवार दोपहर बाद शंकराचार्य स्वामी अभिमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का खुखुंदू चौराहे पर स्वागत किया गया। इस दौरान उन्हें श्रीमद्भागवत गीता भी भेट की गई।
इस दौरान उन्होंने उपस्थित लोगों को गो सेवा करने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि सबसे जरूरी है गौ हत्या पर रोक लगे और इसके लिए एक मजबूत कानून बने।