बरहज। क्षेत्र के बहोर धनौती गांव में राजस्व विभाग के जिम्मेदारों द्वारा सरकारी जमीन फर्जी तरीके से 34 लोगों के नाम पट्टा कर दिए जाने का मामला सामने आया है। शिकायत पर डीएम दिव्या मित्तल ने पट्टा निरस्त करते हुए संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट मांगा है।
कार्रवाई से तहसील परिसर में खलबली है। जांच में तत्कालीन एसडीएम, तहसीलदार, कानूनगो और लेखपाल पर कार्रवाई होना तय है।
जिलाधिकारी न्यायालय में बहोर धनौती गांव निवासी रामसिंगार बनाम बुद्धन प्रसाद आदि नाम से वाद दाखिल था। जिस पर 17 जुलाई 2025 को आदेश पारित हुआ। अंतिम आदेश में राजस्व विभाग की ओर से 34 लोगों के नाम सरकारी जमीन का किया गया पट्टा निरस्त कर दिया गया। जबकि एसडीएम बरहज से एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है।
लोगों के अनुसार बुद्धन प्रसाद पुत्र मुखदेव सहित 34 लोगों को जमीन पट्टा किया गया है। जिसमें तत्कालीन ग्राम प्रधान द्वारा बिना अनुमोदन और मुनादी कराये प्रस्ताव करके पट्टा स्वीकृत करा दिया गया है। यहां तक कि एक ही परिवार में मां-बेटा को भी पट्टा दिए जाने की बात सामने आई है। कुछ एक पट्टाधारकों के परिवार के सदस्य विदेश में रहते हैं। तो कोई होमगार्ड की नौकरी करना बताया जा रहा है। जबकि कुछ लोग दूसरे गांव के भी हैं। बताया जा रहा है कि पूर्व में 183 व्यक्तियों के लिए आवासीय पट्टा का प्रस्ताव किया गया था।