भागालपुर सरयू नदी पर बने पुल के ज्वाइंट पर आई दरार संवाद
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स्थानीय सरयू नदी तट पर बने भागलपुर पुल पर बृहस्पतिवार को छठवें पाए के समीप दरार आ गई है। सेतु निगम की ओर से लोहे की मोटी चादर रखकर आवागमन कराया जा रहा है। हालांकि, सात माह पूर्व मुंबई की एक कंपनी की ओर से पूर्व में आई दरार को ठीक किया गया था। पूर्व में हुई मरम्मत के बाद पुल पर आई दरार से खतरा बढ़ गया है। इसको लेकर लोगों में आक्रोश है।
भागलपुर पुल के रास्ते बलिया, मऊ, बनारस के अलावा बिहार के लिए लोगों का आना-जाना होता है। लोगों का कहना है कि दो वर्ष पूर्व छठवें पाये के निकट दरार आ गई थी। इसकी मरम्मत के लिए सेतु निगम ने एस्टीमेट भेजा था। शासन की ओर से चार करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई थी। जबकि जिलाधिकारी के निर्देश पर पुल से भारी वाहनों के आवागमन पर रोक लगा दी गई थी।
पुल पर आई दरार की मरम्मत के साथ विभाग ने 12 जनवरी 2022 को पुल पर भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक के लिए हाइट गेट बैरियर लगवाया था। लेकिन संचलन शुरू होने के एक सप्ताह बाद ही पुल पर हुए मरम्मत कार्य जवाब देने लगे। इससे पुल में दरार आ जाने से खतरा उत्पन्न हो गया है। सेतु निगम के परियोजना प्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि पुल पर जल्द ही मरम्मत कार्य कराकर खराबी दुरुस्त करा ली जाएगी।
एसटीयू इंस्पेक्शन से पहले ही शुरू करा दिया गया भारी वाहनों का संचलन
स्थानीय पुल पर मरम्मत कार्य के एक सप्ताह बाद ही ज्वाइंट में दरार आ गई। इससे खलबली मच गई। ग्रामीण सेतु निगम पर मरम्मत कार्य में खर्च हुए धन में लूट-खसोट का आरोप लगा रहे हैं। बलराम सिंह, बृजभूषण यादव, नित्यानंद मिश्र, सुनील मद्धेशिया आदि का कहना है कि पुल पर आई दरार को छिपाने के लिए सेतु निगम लोहे की मोटी चादर से ढकने की कोशिश कर रहा है। लोगों का यह भी कहना है कि जर्मनी से आने वाले संयंत्र की जांच से पूर्व ही भारी वाहनों का संचलन शुरू करा दिया गया। इससे समस्या उत्पन्न हुई है।