संवादन न्यूज एजेंसी
देवरिया। गांव से लेकर शहर तक विश्वकर्मा पूजा की धूम रही। बुधवार को सरकारी विभागों और प्रतिष्ठानों समेत शहर की विभिन्न दुकानों में मूर्तियां रखकर देव शिल्पी भगवान विश्वकर्मा की हर्षोल्लास से पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान कारीगरों ने पूजा करने के बाद अपनी दुकानें बंद बंद रखीं।
रेलवे स्टेशन परिसर स्थित निर्माणाधीन भवन में भगवान विश्वकर्मा की झांकी सजाई गई। सुबह 10 बजे स्टेशन अधीक्षक संदीप भटनागर कर्मचारियों संग पहुंचे और भगवान विश्वकर्मा की मूर्ति पर माला और पुष्प चढ़ाकर पूजा-अर्चना की। इस दौरान लोगों में प्रसाद का वितरण किया गया। जलकल रोड स्थित नगरपालिका कार्यालय में भी मूर्ति स्थापना कर पूजा की गई। इस दौरान तोरण-पताका और झालरों से भव्य सजावट की गई थी।
सुबह नौ बजे नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी संजय तिवारी कर्ममारियों संग पहुंचे और मूर्ति के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर भगवान विश्वकर्मा की आरती उतारी और पूजा-अर्चन किया। इसके बाद वहां आयोजित भंडारे में लोगों ने प्रसाद ग्रहण किया।
इस दौरान लिपिक पुरुषोत्तम सिंह, काशीनाथ पांडेय, शिवप्रताप सिंह, सुभाष सिंह, रवि पटवा, ओमप्रकाश सिंह, धनंजय यादव, अतुलन पांडेय, प्रभाकर मणि त्रिपाठी रहे।
पूजा के लिए दिन भर लोगों के आने-जाने का क्रम जारी रहा। परिवहन निगम डिपो के वर्कशाप में कर्मचारियों ने अपने उपकरणों की साफ-सफाई की। इस दौरान खड़ी बसों की धुलाई की गई। इसके पश्चात परिसर स्थित मंदिर में कर्मचारियों संग एआएम कपिलदेव प्रसाद ने पूजा और आरती कर भगवान को भोग लगाया और प्रसाद का वितरण किया गया।
अखिल भारतीय विश्वकर्मा शिल्पकार महासभा के तत्वावधान में परशुराम चौक स्थित अन्नपूर्णा स्थली में भगवान विश्वकर्मा की जयंती धूमधाम से मनाई गई। पंडित उदयभार शास्त्री ने यजमान मुन्नीलाल शर्मा, सुवावती देवी द्वारा वैदिक मंत्रों से पूजा-अर्चन कराया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। भगवान जयकारे से माहौल भक्तिमय रहा। इस दौरान अजय, राजकुमार, विनोद, चंद्रभान, अनिल, बाबूलाल विश्वकर्मा, प्रभुनाथ, रविंद्र, श्रीनिवास विश्वकर्मा, सतीश श्यामानंद, नामवरन विश्वकर्मा, वासुदेव वर्मा आदि उपस्थित रहे।