संवाद न्यूज एजेंसी देसही देवरिया। महुआडीह क्षेत्र की लापता किशोरी को पुलिस ने सिर्फ दो दिन में पश्चिम बंगाल के आसनसोल के पास जालसाजों के बड़े गिरोह के चंगुल से सकुशल मुक्त करा लिया। इंस्टाग्राम पर सक्रिय एक महिला समेत पांच आरोपियों को दबोचने में पुलिस को जीआरपी के सहयोग से बड़ सफलता मिली।
हाईप्रोफाइल इस मामले में जिले के साथ कई जिलों की स्पेशल यूनिट जुटी रही। आरोपियों को शुक्रवार को आसनसोल मेें मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर पुलिस ने रिमांड पर लिया और कड़ी सुरक्षा में देवरिया के लिए रवाना हो गई।
पुलिस का दावा है कि गिरोह के कई बड़े मामलों से जुड़े राज खुल सकते हैं। हिरासत में ली गई किशारी की पड़ोसी महिला व उसकी बेटी को पुलिस ने छोड़ दिया। पुलिस ने जालसाज नर्गिस के साथ उसकी दो बहनों, मां और पिता को भी गिरफ्तार किया है।
जानकारी के मुताबिक, महुआडीह क्षेत्र की किशोरी की गांव की सहेली के मोबाइल से बलिया जिले की रहने वाली जालसाज महिला नर्गिस से इंस्टाग्राम पर दोस्ती हुई। नर्गिस अपनी असली पहचान छिपाकर ‘जान’ के नाम से सक्रिय थी। आरोप है कि महिला ने किशोरी को प्रलोभन देकर अपने जाल में फंसा लिया।
बुधवार की सुबह करीब छह बजे किशोरी घर से निकलकर महुआडीह चौराहा होते हुए बस से बलिया पहुंची। वहां नर्गिस और उसके सहयोगी पहले से मौजूद थे। योजना के मुताबिक, वे किशोरी को ट्रेन से आसनसोल ले जाने के लिए बलिया रेलवे स्टेशन से ट्रेन में सवार हुए।
परिजनों को जब बेटी के घर से निकलने की खबर लगी तो उनके होश उड़ गए। गांव वालों की मदद से हर तरफ खोजबीन शुरू हुई, मगर कोई सुराग नहीं मिलने पर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किशोरी की सहेली तक पहुंच बनाई और उसके मोबाइल से नर्गिस का लोकेशन ट्रेस किया।
जीआरपी की मदद से आसनसोल पहुंचने से पहले ही एक स्टेशन पर ट्रेन को रुकवाया गया। तलाशी के दौरान किशोरी को सकुशल मुक्त कराकर नर्गिस समेत उसके साथियों को गिरफ्तार कर लिया गया।