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अनुदानित स्कूलों के फर्जी नियुक्तियों की खुलने लगी है पोल

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अनुदानित स्कूलों में फर्जी नियुक्तियों की खुलने लगी है पोल
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यहां रहे पूर्व शिक्षकों ने की सीएम और एसटीएफ से शिकायत
प्रबंधक पर लगाया पत्नी सहित रिश्तेदारों की तैनाती करने का आरोप
फर्जी शिक्षक भर्ती मामला
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। बेसिक कार्यालय से संचालित अनुदानित विद्यालयों में प्रबंध तंत्र द्वारा नियुक्तियों में किए गए खेल की धीरे-धीरे पोल खुल रही है। कई जगहों पर नियमों की अवहेलना करते हुए सगे-संबंधियों व रिश्तेदारों को फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों पर शिक्षक पद पर तैनाती दे दी गई है। पुरनाछापर निवासी एक फर्जी शिक्षक के गिरफ्तारी और उसके उगले राज के आधार पर जिले के तीन विद्यालयों में ऐसे 17 संदिग्ध शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों की जांच पहले ही शुरू हो चुकी है।
जिले में वर्तमान में बेसिक कार्यालय की ओर से 72 विद्यालयों को अनुदान श्रेणी में रखा गया है। इनके शिक्षकों को हर माह तनख्वाह विभाग की ओर से जारी की जाती है। हालांकि, बेसिक के नियमों को यहां का प्रबंध तंत्र लगातार धज्जियां उड़ाता रहता है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार नियम है कि प्रबंधक से जुड़ा कोई सगा या अन्य संबंधी इन विद्यालयों में तैनात नहीं रहेगा, जबकि हकीकत यह है कि अधिकांश ऐसे स्कूलों में प्रबंधकों ने पत्नी, पुत्र, ससुराल पक्ष के लोगों व रिश्तेदारों को तैनाती दे दी हैं। विभागीय सूत्रों की ही मानें तो कृपा पर नौकरी करने वाले स्कूल कम, अन्य कामों में ज्यादा व्यस्त रहते हैं। शिक्षा जगत से जुड़े लोग यहां के शैक्षणिक गुणवत्ता एवं माहौल पर लगातार सवाल उठाते रहते हैं।
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सलेमपुर के एक अनुदानित स्कूल की सीएम से शिकायत
फर्जी शिक्षक सतीश चंद्र मिश्र की गिरफ्तारी के साथ ही सलेमपुर के नदावर रोड स्थित एक पूर्व माध्यमिक विद्यालय में हुई नियुक्तियां भी अब चर्चा की केंद्र में हैं। यहां काम कर चुके शंभूनाथ वर्मा, राजेंद्र यादव, इंद्रजीत, राजीत प्रसाद, दूधनाथ यादव, कोमला यादव ने मुख्यमंत्री व एसटीएफ गोरखपुर को शिकायती पत्र देकर यहां हुई तैनाती एवं पत्रावलियों में हेरफेर किए जाने की जांच करने की मांग उठाई है। इनका आरोप है कि कई सालों तक काम करने के बावजूद उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। जबकि अनुदान में आने के बाद तत्कालीन प्रबंधक तंत्र ने अपने चहेतों व रिश्तेदारों को नियमों को धता बताकर नियुक्त कर दी।
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कोट
पुरनाछापर के फर्जी शिक्षक की गिरफ्तारी के बाद अनुदानित स्कूल जांच एजेंसी के रडार पर है। ऐसे कई स्कूलों में मनमानी नियुक्तियों की शिकायतें लगातार मिल रही हैं। संदिग्ध शिक्षकों के प्रमाण पत्रों की जांच होंगी। फर्जी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ कार्रवाई तय है।
-एसपी सिंह, एसटीएफ इंस्पेक्टर गोरखपुर।
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