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अनुदानित स्कूलों में फर्जीवाड़े की जांच को जल्द आ सकती है एसटीएफ

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अनुदानित स्कूलों में फर्जीवाड़े की जांच को जल्द धमक सकती है एसटीएफ
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पकड़े गए फर्जी शिक्षक के भाई के प्रमाण पत्र भी हैं संदिग्ध, हो सकता है गिरफ्तार
देवरिया ही नहीं, मंडल अन्य जिलों में भी जालसाजों ने फैलाया है अपना विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। जिले के बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से संचालित विद्यालयों में शिक्षक भर्ती प्रकरण में हुए फर्जीवाड़े की जांच की आंच अब इस मामले में पकड़े गए फर्जी शिक्षक सतीश चंद्र मिश्र उर्फ राजू के परिजनों पर भी आ सकती है। सूत्रों की मानें तो शीघ्र ही इस मामले में उसके भाई को भी गिरफ्तार किया जा सकता है, जो जिले के ही एक अनुदानित विद्यालय में भी शिक्षक के पद पर तैनात है। उधर, इस मामले की तह में जाने में जुटी जांच टीम जल्द ही पुन: बीएसए कार्यालय धमक सकती है।
अन्य प्रांतों से कूटरचित ढंग से तैयार शैक्षिक अभिलेखों के आधार पर अनुदानित विद्यालयों में देवरिया ही नहीं, गोरखपुर, कुशीनगर, बस्ती, संतकबीरनगर सहित आसपास के अन्य जिलों में भी सैकड़ों शिक्षक नौकरी कर रहे हैं। जालसाजों ने मंडल सहित जिले के अधिकारियों ने सेटिंग कर आसपास के अन्य जिलों में भी अपना विस्तार किया हुआ है। उनकी पहुंच और अधिकारियों के साथ उठने-बैठने का सलीका देखकर कई लोग इनके जाल में फंस चुके हैं। कई लोगों ने तो नौकरी दिलाने के नाम पर इन्हें लाखों रुपये भी दे रखे हैं। लगातार इस संबंध में शिकायतों और बड़े पैमाने पर फजीवाड़े की आशंका को देखते हुए सीएम ने जब जांच एसटीएफ को दी, तभी से ये लोग अपना पैसा वापस पाने के लिए इनके चक्कर लगा रहे हैं। उधर, जांच एजेंसी ने जैसे ही गोरखपुर से जिले के पुरनाछापर, भटनी निवासी एवं लघु माध्यमिक विद्यालय शाहपुर पुरैनी, पथरदेवा में तैनात शिक्षक व फर्जीवाड़े के मास्टरमाइंड माने जा रहे सतीश चंद्र मिश्र उर्फ राजू को गिरफ्तार किया, इस मामले में सिलसिलेवार तरीके से हुए फर्जीवाड़े का पर्दाफाश होने लगा है। एसटीएफ से जुड़े सूत्रों के अनुसार सतीश ने कबूल किया है कि फर्जी बीएड की डिग्री के सहारे उसने अपने छोटे भाई सहित नाते-रिश्तेदारों सहित अन्य लोगों को भी शिक्षक बनवा दिया। आशंका जताई जा रही है कि जल्द ही इस मामले में उसके भाई की भी गिरफ्तारी हो सकती है।
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एडी बेसिक कार्यालय में भी है राजू की गिरफ्तारी के चर्चे
गोरखपुर स्थित एडी बेसिक कार्यालय में भी सतीश चंद्र मिश्र की गिरफ्तारी के चर्चे हैं। यहीं के लोगों का कहना है कि इस कार्यालय में भी उसकी गहरी पैठ रही है। यहां के उच्चाधिकारियों से लेकर पटल देख रहे लिपिक तक अपनी पहुंच बनाकर उसने अन्य जिलों के अनुदानित विद्यालयों में हुई नियुक्तियों में जमकर खेल किया है। कभी किसी मामले की शिकायत हुई तो अपने संपर्कों का प्रयोग कर उसने इसे दबवा भी दिया। हर पर्व व त्योहार पर वह अधिकारियों व कर्मचारियों के यहां उनके मनमाफिक उपहार भी लेकर पहुंचता था।
कोट
पिछले दिनों आई एसटीएफ की टीम लेखा अनुभाग में गई थी और एडेड स्कूलों के कुछ शिक्षकों के संबंध में रिकॉर्ड भी ले गई है। वहां से करीब 17 शिक्षकों के शैक्षिक अभिलेखों का ब्योरा दिया गया है। इस संबंध में जैसा शासन व जांच एजेंसी का निर्देश होगा, उसका पालन कराया जाएगा।
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-प्रकाश नारायण श्रीवास्तव, बीएसए।
कोट
एडेड स्कूलों के कुछ शिक्षकों के रिकॉर्ड देवरिया से मंगाए गए हैं। जांच एजेंसी इसका सत्यापन करा रही है। पकड़े गए शिक्षक ने जिले के कुछ और एडेड विद्यालयों में हुई नियुक्तियों में अपनी भूमिका कबूल की है। उसके भाई के प्रमाण पत्रों का भी सत्यापन कराया जाएगा। और राज खुल सकते हैं।
-एसपी सिंह, एसटीएफ गोरखपुर प्रभारी।
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