बड़ी रकम कमाकर जल्द करोड़पति बनने के लालच में एक पेट्रोल पंप मैनेजर ने 37 लाख रुपये गंवा दिए हैं। जालसाजों ने पंप मैनेजर को टेलीग्राम पर लिंक भेजकर स्थानीय जिले में व्यवसाय कर बड़ा आदमी बनाने का सपना दिखाया। लुभावने ऑफर के फेर में पड़कर उन्होंने 37 लाख रुपये दांव पर लगा दिए। पुलिस रुपये वापस कराने की कोशिश में जुट गई है।
ठगी का पता चला तो पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई है। अब वह पेट्रोल पंप मालिक को 37 लाख रुपये कहां से देंगे। यह उनके लिए परेशानी का सबब हो गया है। मानसिक रूप से परेशान मैनेजर की तबीयत भी खराब हो गई है। हालांकि, पेट्रोल पंप मालिक व परिजन ने मैनेजर को समझा-बुझाकर जालसाजों के विरुद्ध लड़ाई लड़ने में सहयोग करने की बात कही है।
इसके बाद पीड़ित ने मंगलवार को एसपी से शिकायत कर अपनी पीड़ा बयां कर न्याय की गुहार लगाई है। एसपी ने मैनेजर की ओर से मिले साक्ष्यों के आधार के साइबर सेल से जांच शुरू करा दी है।
सलेमपुर कोतवाली के मलहचक गांव निवासी अम्बरीश यादव बरियारपुर के करौंदी बाजार स्थित एक पेट्रोल पंप पर करीब एक दशक से मैनेजर हैं। जनवरी में अम्बरीश यादव के मोबाइल टेलीग्राम पर एक लिंक आया। लिंक खोलने पर स्थानीय जिले में व्यवसाय कर बड़ी रकम कमाने का अवसर मिलने की योजनाओं के बारे में बताया गया।
मैनेजर के अनुसार, पहले तो ऑफर उन्हें झूठा लगा। लेकिन, जालसाजों ने विभिन्न प्रकार का लालच देकर उन्हें अपने जाल में फंसा लिया। जालसाजों की बात में आकर पीड़ित ने कई बार में पेट्रोल पंप से आने वाली कमाई में से 37 लाख रुपये जालसाजों के खाते में भेज दिया।
समय बीतने पर जालसाजों ने 17 लाख रुपये की मांग और कर दी। ऐसा नहीं करने पर आरोपियों ने फंसाने की धमकी भी दे डाली। जालसाजों की हरकत देखकर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और वह किसी तरह अपने रुपये निकालने में जुट गए। तभी आरोपियों ने अपना मोबाइल नंबर बंद कर लिया। इससे परेशान मैनेजर ने मंगलवार को एसपी संकल्प शर्मा से मिलकर पूरा मामला बताया। पहले तो एसपी को विश्वास नहीं हुआ और उन्होंने पीड़ित से साक्ष्य देने की बात कही। जब सभी कागजात प्रस्तुत किए गए तो उन्होंने साइबर सेल को जांच के लिए निर्देश दे दिए।
वहीं, पेट्रोल पंप के 37 लाख रुपये गंवाने के बाद अम्बरीश अवसाद में हैं। उन्होंने अपने आप को एक कमरे में बंद कर लिया है। एसपी संकल्प शर्मा ने बताया कि पेट्रोल पंप मैनेजर से 37 लाख रुपये की ठगी की शिकायत मिली है। साक्ष्यों को देखने के बाद साइबर सेल को जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।