भाई मेडिकल कॉलेज में और बहन जेएनयू में प्रोफेसर
जितेंद्र मिश्रा के चाचा रामप्यारे मिश्र ने बताया कि उनका पूरा परिवार दिल्ली में ही रहता है। जितेंद्र मिश्र के पिता नथुनी मिश्र दिल्ली विश्वविद्यालय में कामर्स विषय के प्रोफेसर थे। जितेंद्र मिश्र के छोटे भाई डॉ. देवेंद्र मिश्र दिल्ली में ही एक मेडिकल कॉलेज में प्रशासनिक पद पर हैं, वहीं बहन डॉ. वंदना मिश्रा जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में प्रोफेसर हैं।
1986 में वायुसेना में हुए थे शामिल
जितेंद्र मिश्रा ने छह दिसंबर 1986 को भारतीय वायुसेना में कमीशन प्राप्त किया था। उन्होंने राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए), पुणे समेत कई प्रतिष्ठित सैन्य संस्थानों में प्रशिक्षण प्राप्त किया। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान उन्होंने अपने नेतृत्व क्षमता का परिचय दिया था, जिसके लिए उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल से भी सम्मानित किया जा चुका है।
सीईओ बनने के बाद क्या बोले- जितेंद्र मिश्रा
अपनी इस नई और पावन जिम्मेदारी पर खुशी जाहिर करते हुए जितेंद्र मिश्रा ने कहा, 'इतने सारे योग्य उम्मीदवारों में से मुझे इस पद के लिए चुना गया, यह मेरे लिए बहुत बड़े सौभाग्य की बात है। मैं इसे भगवान श्रीराम का आशीर्वाद मानता हूं। भारतीय वायुसेना में 43 वर्षों तक देश की सेवा करने के बाद, अब मुझे श्रीराम मंदिर और रामभक्तों की सेवा करने का यह पवित्र अवसर मिला है।'
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले सीईओ एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा (रिटायर्ड) ने यह भी कहा कि जैसा कि मैंने कहा, मैं सिलेक्शन कमिटी, श्री राम मंदिर ट्रस्ट और भगवान राम का शुक्रिया अदा करना चाहता हूं कि उन्होंने मुझे इस ज़िम्मेदारी के लिए चुना। मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि वे मुझे इतनी क्षमता दें कि मैं इसे अच्छे से निभा सकूं।