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Deoria News: गांजे के साथ दूसरी बार मजहर को सरगना के साथ भेजा गया जेल

Fri, 13 Dec 2024 12:45 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
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देसही देवरिया। असम से देवरिया आ रहे डेढ़ क्विंटल गांजा के साथ मंगलवार की रात पकड़े गए तस्कर मजहर अली और उसके सरगना अभिमन्यु सिंह पर पुलिस ने केस दर्ज करने के बाद बुधवार को न्यायालय में पेश किया। वहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मजहर तस्करी के धंधे में तेजी से उभर रहा है। कम समय में ही उसने पैसा भी कमा लिया। वहीं दूसरी तरफ बिहार के मठिया का रहने वाला उसका सरगना अभिमन्यु सिंह के गांजा तस्करी का धंध पुस्तैनी है। उसका परिवार तीन पीढ़ियों से गांजा तस्करी करता आ रहा है। अभिमन्यु अपने भाई धन्नू के साथ तस्करी के इस खेल को मजबूती से आगे बढ़ा रहा था। दूसरी बार पुलिस के हत्थे चढ़े दोनों तस्करों को अपने किए पर जरा भी इस बात का मलाल नहीं कि एक महीने पहले ही जेल से बेल पर बाहर आए थे।
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रामपुर कारखाना थाना क्षेत्र गांजा और शराब तस्करी के लिए मुफीद जगह बन गया है। यहां इस खेल में शामिल हैं। जिनकी वजह से यह थाना अक्सर सुर्खियों में आ ही जाता है। मंगलवार की रात को लखनऊ एसटीएफ और रामपुर कारखाना पुलिस की संयुक्त छापेमारी में देसही देवरिया ब्लॉक मुख्यालय के पास पुलिस ने एक कंटेनर को पकड़ लिया। उसमें 1.54 क्विंटल गांजा लदा था। उत्तराखंड के रुद्रपुर में एक एजेंसी के इस कंटेनर को पिपरा मदन गोपाल गांव का मजहर अली चालक है। 15 अक्टूबर, 2023 को बघौचघाट पुलिस ने 1.70 क्विंटल गांजा के साथ पकड़ा था। 11 माह बाद दोनों बेल पर जिले की जेल से नवंबर माह में ही बाहर आए थे। आने के बाद दोनों तस्करी में दोबारा लग गए। जेल से बाहर आने के बाद मजहर उत्तराखंड से कंटेनर पर माल लेकर असम गया। वहां खाली कर गांजा भर लिया।

उधर, पकड़े गए सरगना अभिमन्यु सिंह के छोटे भाई धन्नू सिंह को भी पुलिस ने मंगलवार की रात को ही गिरफ्तार कर लिया था। बाद में उसे थाने से छोड़ दिया गया। जबकि पिछली बार भाई के जेल जाने के बाद वही धंधे को चला रहा था। जानकारी के अनुसार उस पर भी केस दर्ज है। पुलिस धन्नू की गिरफ्तारी से साफ इनकार कर रही है। रामपुर कारखाना के प्रभारी निरीक्षक जितेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि धन्नू को गिरफ्तार नहीं किया गया था। इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं है। थाने से छोड़ने की बात गलत है।
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मजहर के पिता पश्चिम बंगाल में करते थे काम

शातिर गैंगस्टर मजहर के पिता कासिम अली पश्चिम बंगाल में छोटी नौकरी कर कुछ सालों पहले रिटायर हुए। कड़ी मेहनत कर तीनों बेटों की परवरिश की, लेकिन उन्हें नहीं पता कि मजहर इस तरह का कृत्य करेगा। मजहर के जेल से बाहर आने के बाद पिता ने कहा कि ई-रिक्शा खरीद दे रहे हैं। उसे चलाकर जीवन यापन करो। आगे बेहतर करने की सोचो। गांव के लोगों ने भी समझाया कि गलती से सबक लेकर इज्जत से कोई दूसरा काम कर लो, लेकिन उसके दिमाग में जल्द अमीर बनने की चाहत से उसी दलदल में दोबारा धकेल दिया।

सोनू को फंसाया था जाल में

सोनू सिंह पिपरा मदन गोपाल गांव का है। वह मजहर का अच्छा मित्र है। पिछली बार जब मजहर पकड़ा गया था तो उसके साथ सोनू भी पकड़ कर जेल भेजा गया था। पकड़े जाने से एक सप्ताह बाद सोनू अपनी बाइक रिपेयरिंग की दुकान बंद कर बाहर कमाने जाने वाला था। उसका टिकट रिजर्वेशन भी हो गया था। उसी बीच घर आया।मजहर दो-तीन दिन के लिए उसे झांसे में लेकर चला गया था। लेकिन इस बार सोनू उसके किसी झांसे में नहीं आया।
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