संवाद न्यूज एजेंसी
सलेमपुर। राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम के निर्देश पर बंद कराए गए टैक्स वसूली ई-रिक्शा चालकों से पुनः की जाएगी। रोक लगाने के बाद ठेकेदार ने हाईकोर्ट में अपील की थी।
सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने ई-रिक्शा चालकों से टैक्स के रूप में स्टैंड वसूलने के लिए हरी झंडी दे दी है। उधर, ठेकेदार हाईकोर्ट के आदेश को सरकारी दफ्तरों में जमा कर वसूली की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नगर पंचायत ने पिछले माह टैक्सी स्टैंड की नीलामी नायब तहसीलदार गोपालजी की देखरेख में हुई थी। इसमें प्राइवेट बस, टैक्सी, ऑटो, पिकअप के अलावा ई रिक्शा का भी टेंडर हुआ था। कुछ दिन वसूली के बाद ई-रिक्शा चालकों ने प्रदेश के किसी भी नगर पंचायत में वसूली नहीं होने का हवाला देते हुए राज्यमंत्री विजय लक्ष्मी गौतम से शिकायत की थी।
राज्यमंत्री ने डाक बंगला में नायब तहसीलदार गोपालजी, ई-रिक्शा चालकों और नगर पंचायत के ईओ महेंद्र पांडेय के साथ बैठक कर तत्काल ई-रिक्शा चालकों से किया जा रहा टैक्स पर रोक लगाने के निर्देश दिए थे। ईओ ने ई-रिक्शा चालकों से तत्काल टैक्स वसूली पर रोक लगा दी थी।
इसके विरोध में ठेकेदार अनुपम चतुर्वेदी ने नगर पंचायत के खिलाफ याचिका दायर की। इसे गंभीरता से लेते हुए हाईकोर्ट ने टेंडर को आधार बताते हुए लगी रोक को तत्काल खारिज कर पुन: वसूली करने के निर्देश दिए। इसके बाद सोमवार से ठेकेदार ई-रिक्शा चालकों से टैक्स की वसूली शुरू कर दी।
ईओ महेंद्र पांडेय ने बताया कि राज्यमंत्री के मौखिक वार्ता पर वसूली के लिए ठेकेदार को मना किया गया था। ठेकेदार हाईकोर्ट से आदेश लेने के बाद पुन: वसूली कर रहा है।