दुग्धेश्वरनाथ मंदिर पर लगी फूल बेलपत्र आदि पूजन सामग्री की दुकान
रुद्रपुर। सावन माह के आगमन के साथ ही दुग्धेश्वरनाथ मंदिर में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। मंदिर परिसर में इस बार बाबा भोलेनाथ के शृंगार और जलाभिषेक के लिए गेंदा, गुलाब और कमल के ताजे फूल काशी (वाराणसी) से मंगाए जा रहे हैं।
वहीं भांग, धतूरा और बेलपत्र सहित अधिकतर पूजन सामग्री स्थानीय स्तर पर उपलब्ध है। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए दूध, फल, मिठाई और अन्य पूजन सामग्री की पर्याप्त व्यवस्था की गई है।
मंदिर परिसर और आसपास फूल, बेलपत्र और पूजन सामग्री की दुकानों से रौनक बढ़ने लगी है। आम दिनों में जहां 30 से 35 दुकानें लगती थीं, वहीं इनकी संख्या 70 हो गई है। 30 जुलाई से शुरू हो रहे सावन माह को लेकर दुकानदार विभिन्न प्रकार के फूलों और पूजन सामग्री का भंडारण करने में जुटे हैं।
मंदिर परिसर में दुकान लगाने वाले माली रवि कुमार सैनी ने बताया कि बाबा को अर्पित किए जाने वाले अधिकतर फूल उनकी अपनी फुलवारी से आते हैं।
हालांकि गेंदा, गुलाब और कमल के फूल स्थानीय स्तर पर पर्याप्त मात्रा में नहीं मिल रहे हैं, इसलिए इन्हें प्रतिदिन वाराणसी से मंगाया जाता है। भोलेनाथ को चढ़ाने के लिए भांग और धतूरा की भी विशेष खेती की गई है।