संवाद न्यूज एजेंसी
बरहज। सरयू नदी का जलस्तर पांच दिन से लगातार बढ़ रहा है। पिछले 48 घंटे में नदी के जलस्तर में एक मीटर की बढ़त दर्ज की गई है। इससे सरयू और राप्ती नदी में बाढ़ आ गई है।
नदी का पानी परसियां-विशुनपुर देवार के कुछ मजरों तक पहुंच गया है। उधर, भदिला प्रथम के टापू बन जाने से जान जोखिम में डाल छात्र और ग्रामीण नाव से नदी पार करने पर मजबूर हैं। न
सरयू ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। इससे राप्ती भी उफान पर है। नदियों का पानी खेतों के रास्ते गांव की तरफ बढ़ रहा है। थाना घाट पर बने मीटर गेज पर नदी खतरे के निशान 66.50 को पार कर 80 सेमी ऊपर 67.30 मीटर पर बहने लगी है।
चारों ओर से पानी से घिरा होने के कारण भदिला प्रथम गांव टापू बना हुआ है। इससेछात्र, नौकरीपेशा और दिहाड़ी मजदूरों को मुश्किलें हो रहीं हैं। जान जोखिम में डालकर लोग नाव से नदी पार करने पर मजबूर हैं। परसियां देवार के दसरसरिया और भरटोला के अलावा विशुनपुर देवार के अधिकतर मजरों तक बाढ़ का पानी पहुंच गया है। कपरवार स्थित रामजानकी मार्ग से सटे गोरखपुर जनपद के कोलखास गांव तक सरयू का पानी पहुंच गया है।
भदिला प्रथम की विध्यवासिनी देवी, विनय कुमार, उदयभान आदि का कहना है कि बरसात के मौसम में नदी के उफनाने के कारण गांव हमेशा टापू बन जाता है।
लोगों का कहना है कि रात में अचानक तबीयत खराब होने और प्रसव पीड़ा से संबंधित मरीजों को अस्पताल ले जाने के लिए मात्र नाव ही सहारा है।
लोग यह भी बता रहे हैं कि गोरखपुर जनपद स्थित रामजानकी मार्ग से गांव तक करीब दो किलोमीटर पानी भरा है। जरूरत के सामान को लेकर काफी दिक्कत उठानी पड़ रही हैं।