हाटा मार्ग पर चार फीट तक पहुंचा, कसया मार्ग पर भी पानी आया
छोटी नहर की पटरियां टूटने से रामगुलाम टोला मोहल्ले में भी जलभराव
सरकारी मदद न पहुंचने से मोहल्लों के लोगों ने खुद बांधी पटरी
अमर उजाला ब्यूरो
देवरिया। शनिवार की रात हुई बारिश के बाद कुर्ना नाले में पानी का दबाव बढ़ गया है। नाले से जुड़ी छोटी नहर की पटरी कई स्थानों पर टूट गई। इससे नहर से सटे शहर के रामगुलाम टोला वार्ड व पिपरा गांव में पानी घुस गया है। देवरिया-कसया मार्ग तक पानी पहुंच गया तो हाटा मार्ग पर कई स्थानों के पास चार फीट ऊपर तक पानी चलने लगा है। पुरवा गांव के पास तेज बहाव के बावजूद लोग जान जोखिम में रखकर आवागमन कर रहे हैं।
आधे से अधिक शहर का पानी कुर्ना नाले में गिरता है। शुक्रवार से ही नाला ओवरफ्लो कर रहा है। अब मोहल्लों का पानी भी इसी में मिलने से जलस्तर बढ़ रहा है। पानी का दबाव बढने से रविवार की सुबह भीखमपुर रोड पर छोटी नहर की पटरी पांच स्थानों पर टूट गई। इससे रामगुलाम टोला मोहल्ले में पानी भर गया। सुबह लोगों की नींद खुली तो घर में पानी देख उनके होश उड़ गए। वार्ड सभासद अजय सिंह के प्रयासों से जगह-जगह बांस व बालू की बोरियां रखकर पटरी बांधी र्गइं। उधर, नाले का पानी देवरिया-कसया मार्ग पर गौरा गांव के पास तीन जगहों पर ओवरफ्लो कर रहा है। दोपहर तक करीब एक फीट तक पानी लगा रहा, मगर शाम होते-होते डेढ़ फीट तक पहुंच गया। देवरिया-हाटा मार्ग पर पुरवा गांव के समीप चार फीट तक पानी जाने से छोटे वाहनों की आवाजाही थम गई है। बड़े वाहन ही जैसे-तैसे आ-जा रहे हैं। पुल के दूसरी तरफ बहाव तेज होने से अनहोनी का अंदेशा बना हुआ है। प्रशासन की ओर से कोई सतर्कता नहीं बरती जा रही है। शहर के भी कई मोहल्लों की सड़कें पानी में डूबी हुई हैं।
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छोटी गंडक ने तेज किया कटान
भटनी/रामपुर कारखाना। छोटी गंडक में लगातार पानी बढ़ने से कोटवा, कमधेनवा, मथुरा छापर, मुंडेरा मिश्र, मिश्रौली, कोन्हवलिया में कटान शुरू कर दिया है। कोटवा गांव में अमोला घाट और गांव के पूरब दिशा में तेजी से कटान हो रही है। कटान के चलते अब तक दर्जनों एकड़ खेती योग्य भूमि नदी के पेट में समा चुकी है। सदर तहसीलदार सतीश कुमार ने रविवार को कटान स्थल का निरीक्षण किया। उधर, भटनी क्षेत्र में छोटी गंडक के जलस्तर में अचानक वृद्धि से हजारों एकड़ फसल पानी में डूब गई है। नदी के आसपास के गांव फतेहपुर, टेघरा, बनकटा शिव, डुमरी, परसौनी, बीरसिंहपुर, मिश्रौली, लालचक, पिपरा विठ्ठल, बेलवा बाबू, अहिरौली आदि गांवों में खेती पूरी तरह चौपट हो गई है। वहीं, बलुआ अफगान, डेमुसा, मोतीपुर और खैराट में खनुआ नदी के बढ़ने से ग्रामीण दहशत में हैं। बलुआ अफगान के पांच टोले पानी में ऐसे घिर गए हैं कि लोगों को घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। गांव के बीडीसी सदस्य डॉ. सत्यनारायण शर्मा ने जिला प्रशासन से सहयोग की गुहार लगाई है। पिपरा विठ्ठल और लालचक गांव में जानवरों द्वारा बंधे की खुदाई नदी का पानी बंधे से रिस रहा है।
देवरिया-कसया मार्ग पर गिरा पेड़, आवागमन बाधित
रामपुर कारखाना। क्षेत्र के विशुनपुर चिरकिहवा में वर्षों पुराना एक पाकड़ का पेड़ तेज बारिश के चलते सड़क पर गिर गया। इससे करीब चार घंटे तक आवागमन बंद रहा। राहगीर दूसरे रास्ते से बमुश्किल निकले। उन्हें काफी दिक्कतें र्हुइं। इसके चलते सड़क की दोनों पटरी पर वाहनों की लंबी कतार लग गई।