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देवरिया में मानव तस्करी: पांच संदिग्ध गिरफ्तार, 2 नाबालिग लड़कियों की कश्मीर में शादी की थी तैयारी, बचाई गईं

Sun, 19 Apr 2026 12:14 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया

सार

अवध आसाम ट्रेन में आरपीएफ ट्रेन एस्कॉर्ट कंपनी गोरखपुर (पूर्व) में तैनात हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर थे। बिहार के जीरादेई स्टेशन के पास जांच के दौरान जनरल कोच में पांच लोग संदिग्ध अवस्था में मिले। इसमें दो नाबालिग लड़कियां व एक नाबालिग लड़का था। इन किशोर-किशोरियों ने बताया कि उनके साथ दो अन्य लोग भी हैं। इसे मानव तस्करी का मामला मानते हुए आरपीएफ यूनिट ने देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर पांचों को उतार दिया। यहां पूछताछ में दोनों नाबालिग लड़कियों ने बताया कि उन्हें शादी के लिए म्यांमार से कश्मीर ले जाया जा रहा है। वहीं वह दोनों मजदूरी करेंगी।
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मानव तस्करी
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विस्तार
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गुवाहाटी स्टेशन से अवध आसाम एक्सप्रेस में सवार म्यांमार के पांच नागरिकों को दिल्ली जाने के दौरान आरपीएफ ने देवरिया स्टेशन पर मानव तस्करी के संदेह में पकड़ लिया। यहां के एंटी हयूमन ट्रैफैकिंग यूनिट (एएचटीयू) थाने में पूछताछ के दौरान पता लगा कि सद्दाम हुसैन नाम का शख्स इन्हें बांग्लादेश के रास्ते भारत लाया था।

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वहां से दिल्ली के रास्ते कश्मीर लेकर जा रहा था। वहां दोनों लड़कियों की शादी कराने और वहीं बसाने की योजना थी। पुलिस ने पांचों को कोर्ट में पेश करते हुए आगे की छानबीन के लिए उच्चाधिकारियों को सूचित कर दिया है। जानकारी के अनुसार, अवध आसाम ट्रेन में आरपीएफ ट्रेन एस्कॉर्ट कंपनी गोरखपुर (पूर्व) में तैनात हेड कांस्टेबल अखिलेश यादव अपनी टीम के साथ ड्यूटी पर थे।

बिहार के जीरादेई स्टेशन के पास जांच के दौरान जनरल कोच में पांच लोग संदिग्ध अवस्था में मिले। इसमें दो नाबालिग लड़कियां व एक नाबालिग लड़का था। इन किशोर-किशोरियों ने बताया कि उनके साथ दो अन्य लोग भी हैं। इसे मानव तस्करी का मामला मानते हुए आरपीएफ यूनिट ने देवरिया सदर रेलवे स्टेशन पर पांचों को उतार दिया।

यहां पूछताछ में दोनों नाबालिग लड़कियों ने बताया कि उन्हें शादी के लिए म्यांमार से कश्मीर ले जाया जा रहा है। वहीं वह दोनों मजदूरी करेंगी। इसके बाद आरपीएफ ने इसे देवरिया के एएचटीयू थाने को सौंप दिया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ अवैध रूप से देश में प्रवेश करने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कर न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से रिमांड मिलने के बाद पुलिस ने सभी को जेल भेज दिया।
 

पुलिस की पूछताछ में नाबालिग लड़कियों ने बताया कि एक व्यक्ति उन्हें शादी कराने के बहाने म्यांमार से कश्मीर ले जा रहा था, जबकि अन्य ने मजदूरी के लिए ले जाने की बात कही।

पकड़े गए आरोपियों की पहचान सद्दाम हुसैन, जाहिर हुसैन, सालमंचा, नूर कलिमा और उमा हविवा के रूप में हुई है, जो म्यांमार के कॉक्स बाजार स्थित विभिन्न कैंपों के निवासी बताए गए हैं। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी सद्दाम हुसैन इन सभी को बांग्लादेश सीमा पार कराकर भारत के रास्ते कश्मीर ले जा रहा था।
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इस मामले में मानव तस्करी थाना, जनपद देवरिया में संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने सभी आरोपितों को न्यायिक हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से रिमांड मिलने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। आरपीएफ इंस्पेक्टर ने बताया कि मामले की गहन जांच की जा रही है और अंतरराष्ट्रीय मानव तस्करी गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।

आरपीएफ ने जिन पांच संदिग्धों को पकड़कर एएचटीयू थाने को सौंपा था, उनसे प्रारंभिक पूछताछ के बाद केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया। मामले की जानकारी वरिष्ठ अफसरों को दी गई है। आगे की छानबीन हो रही है: संजय रेड्डी सीओ सदर
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