मदनपुर। गौरा बरहज के रहने वाले प्रमोद यादव की हत्या अवैध संबंध के चलते हुई थी। जिस महिला से प्रमोद का अवैध संबंध था, उसके पति ने अपने दो दोस्तों के साथ मिलकर प्रमोद को मौत के घाट उताकर उसकी लाश को पकड़ी तिवारी गांव में सड़क के किनारे फेंक दिया था।
शुक्रवार को पुलिस ने तीनों हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। 13 जनवरी को पकड़ी तिवारी गांव में सड़क के किनारे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिला था। बृहस्पतिवार को शव की पहचान प्रमोद यादव पुत्र वकील यादव निवासी गौरा बरहज के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस उसकी हत्या का सुराग लगाने में जुट गई। पुलिस की गिरफ्त में आए मुख्य हत्यारोपी रामेश्वर विश्वकर्मा निवासी दोहनी थाना खुखुंदू ने पुलिस को बताया कि उसकी पत्नी का मायका गौरा बरहज में है। प्रमोद यादव का घर बगल में था। प्रमोद यादव से उसकी पत्नी के अवैध संबंध थे।
इस बात को लेकर उसने दोनों को समझाया, लेकिन दोनों नहीं माने। जिसके बाद रामेश्वर विश्वकर्मा ने 12 जनवरी को प्रमोद यादव की हत्या करने की योजना बना डाली। उसने अपने दो दोस्तों सोनू पासवान निवासी चकिया शुक्ल और गोलू राजभर निवासी रामनाथ देवरिया को साजिश में शामिल किया।
प्रमोद को घर से ऑटो से लेकर वह देवरिया गया। वहां पर गोलू राजभर मौजूद था। इसके बाद तीन गौरी बाजार के रामपुर चौराहा पहुंचे। वहां सोनू पासवान भी उनके साथ हो लिया। इसके बाद चारों रुद्रपुर कस्बा के खजुहा चौराहे पर पहुंचे और प्रमोद यादव को लेकर शराब भट्ठी पर पहुंचे। तीनों ने मिलकर प्रमोद को खूब शराब पिलाई। जब प्रमोद यादव काफी नशे में हो गया तो तीनों ने प्रमोद यादव को ऑटो में बैठाकर भभौली चौराहे से बरहज की तरफ जाने वाले रास्ते पर आगे बढ़े।
रास्ते में रामेश्वर विश्वकर्मा ने सुनसान जगह देखकर प्रमोद की मफलर से गला दबाकर हत्या कर दी। हत्या करने के बाद शव को पकड़ी तिवारी के समीप सड़क के किनारे फेंककर भाग गए।