खुखुंदू। थाना क्षेत्र के पकड़ी ओझा गांव में सोमवार की देर रात गांव के बाहर स्थित एक झोपड़ी में अचानक आग लग गई। इससे झोपड़ी धू-धू कर जलने लगी। तीन बाइक समेत अन्य सामान जलकर राख हो गए। आरोप है कि पुरानी रंजिश को लेकर पड़ोस के एक व्यक्ति ने झोपड़ी में आग लगा दी।
उधर, मौके पर पहुंची पुलिस और फायर ब्रिगेड के सहयोग से आग बुझाई गई। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल रहा। मंगलवार को पीड़ित पक्ष थाने पहुंचकर अधिक गर्मी पड़ने से आग लगने की बात कहते हुए कार्रवाई से इन्कार कर दिया।
खुखुंदू क्षेत्र के पकड़ी ओझा उर्फ ओझवलिया गांव में अशोक पाठक के बेटे विवेक का सोमवार को उपनयन संस्कार था। दिन में मांगलिक कार्यक्रम के बाद रात में भोजन व आर्केस्ट्रा का प्रोग्राम शुरू हुआ। परिवार और रिश्तेदार सब दरवाजे पर बैठकर प्रोग्राम देख रहे थे। इसी बीच उनके झोपड़ी में अचानक आग लग गई। फिर प्रोग्राम छोड़ सब लोग मौके पर दौड़ते-भागते पहुंचे। काफी देर तक अफरा-तफरी मची रही।
आग की चपेट में आने से अशोक पाठक और उनके दो रिश्तेदारों की बाइक जल गई। उधर, पीड़ित परिवार की बातों पर गौर करें तो पड़ोसी मोहल्ले के एक युवक से कुछ दिन पहले किसी बात पर विवाद हुआ था। उसके बाद वह कई दिनों से विवाद करने पर उतारू था। आरोप है कि सोमवार की रात में भी वह अशोक के घर के तरफ आया था और सभी लोगों को प्रोग्राम में बैठा देख जाकर झोपड़ी में आग लगा दी।
पुलिस ने आरोप के आधार पर युवक को हिरासत में भी ले लिया था। मगर, मंगलवार को मामले में नया मोड़ आ गया।
पुलिस का कहना है कि अब पीड़ित पक्ष अधिक गर्मी के चलते आग लगने की बात कहते हुए कार्रवाई से इन्कार कर रहा है। इंस्पेक्टर राहुल कुमार सिंह ने बताया कि पीड़ित परिवार के दिलीप पाठक ने थाने आकर गर्मी के चलते आग लगने की बात कही है।