देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग के किनारे रिसाव स्थल पर मरम्मत के दौरान हुआ हादसा
डिपो के अधिकारी दूर हटे, मजदूरों ने संभाला मोर्चा
बैतालपुर। देवरिया-गोरखपुर मुख्य मार्ग के किनारे करीब छह फीट नीचे मिली पेट्रोल की पाइपलाइन के रिसाव स्थल पर बृहस्पतिवार देर शाम मरम्मत के दौरान शाम करीब 5:20 बजे आग लग गई। लपटें उठते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों में भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। डिपो के कुछ वरिष्ठ अधिकारी भी तत्काल मौके से दूर हट गए। हालांकि मरम्मत कार्य में जुटे मजदूरों ने काम नहीं छोड़ा और फायर सुरक्षा उपकरणों की मदद से करीब 20 मिनट की मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।
पाइपलाइन में आग लगने की सूचना मिलते ही देवरिया से अग्निशमन विभाग की पांच गाड़ियां भी मौके पर पहुंच गईं। आग पर काबू पाए जाने के बाद भी अग्निशमन कर्मियों ने पूरे क्षेत्र को घेरे में लेकर स्थिति का जायजा लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अरुण कुमार भी मौके पर पहुंचे और एचपीसीएल डिपो के अधिकारियों से बातचीत कर आग लगने की घटना की जानकारी ली।
तकनीकी जांच के बाद शुरू हुई थी मरम्मत
पिछले दिनों पेट्रोल रिसाव की सूचना के बाद खोदाई कर करीब छह फीट नीचे रेलवे ट्रैक पॉइंट से एचपीसीएल डिपो के भीतर तक जाने वाली तीन भूमिगत पाइपलाइन सामने आई थीं। इनमें एक पेट्रोल, दूसरी केरोसिन और तीसरी डीजल की पाइपलाइन बताई गई है। तकनीकी जांच में पेट्रोल पाइपलाइन में रिसाव की पुष्टि के बाद इसकी मरम्मत की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
मरम्मत कार्य सुरक्षा अधिकारी अतुल कुमार और एचपीसीएल डिपो प्रबंधक विकास चंद्रा की देखरेख में कराया जा रहा था। इसी दौरान रिसाव वाले हिस्से पर वेल्डिंग करते समय आग लग गई। इससे मौके पर मौजूद लोगों के बीच कुछ देर के लिए हड़कंप मच गया।
फायर सुरक्षा टीम की तत्परता से टला बड़ा खतरा
आग लगने के बाद मरम्मत कार्य में जुटे मजदूरों ने फायर सुरक्षा नियंत्रण मशीनों का इस्तेमाल करते हुए आग को फैलने से रोकने का प्रयास किया। करीब 20 मिनट में आग पर नियंत्रण पा लिया गया। इसके बाद पांच फायर टेंडरों के पहुंचने से सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत की गई। घटना ने भूमिगत पेट्रोल पाइपलाइन की मरम्मत और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अग्निशमन विभाग और डिपो प्रशासन ने मौके का निरीक्षण कर घटना के कारणों की जानकारी जुटाई। तकनीकी जांच के बाद ही आग लगने के वास्तविक कारण और मरम्मत कार्य में अपनाई गई सुरक्षा प्रक्रिया की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
पेट्रोल की पाइपलाइन के रिसाव स्थल पर वेल्डिंग करते समय आग लगने की सूचना मिली थी। फायर सर्विस की पांच गाड़ियां मौके पर हैं। टीम के साथ खुद मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और आग को फैलने से रोक दिया। कुछ लोगों ने आरोप लगाया है कि फायर सुरक्षा अधिकारी और अधिकारी मौके से भाग निकले थे जिसकी आगे जांच कर कार्रवाई की जाएगी। - अरुण कुमार, मुख्य अग्निशमन अधिकारी