- जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में डीएम ने की योजनाओं की समीक्षा
- एक एसीएमओ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश
देवरिया। स्वास्थ्य योजनाओं के क्रियान्वयन में शिथिलता मिलने पर जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी ने बृहस्पतिवार को कड़ा रुख अपनाया। जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में समीक्षा के दौरान बैतालपुर, बनकटा और रामपुर कारखाना के प्रभारी चिकित्साधिकारियों का एक दिन का वेतन रोकने के निर्देश दिए। बैतालपुर के नोडल अधिकारी/एसीएमओ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने और भाटपाररानी के नोडल अधिकारी/एसीएमओ को कारण बताओ नोटिस जारी करने को कहा।
कलेक्ट्रेट सभागार में हुई बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को जिम्मेदारी के साथ कार्य करने की हिदायत दी। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य योजनाओं में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी एसीएमओ को बिना अनुमति मुख्यालय नहीं छोड़ने के निर्देश भी दिए।
कमजोर प्रदर्शन वाली आशाओं पर रहेगी नजर
आशा कार्यकर्ताओं की प्रगति की समीक्षा में डीएम ने संघर्षशील श्रेणी की आशाओं की समस्याएं चिह्नित कर सुधार कराने को कहा। प्रत्येक एसीएमओ, प्रभारी चिकित्साधिकारी और सीएचओ को पांच-पांच ऐसी आशाओं से संवाद कर उनकी दिक्कतें जानने और जागरूक करने के निर्देश दिए।
मातृ-शिशु मृत्यु दर पर प्रभावी नियंत्रण के लिए उन्होंने प्रभारी चिकित्साधिकारियों, बीपीएम और स्वास्थ्यकर्मियों को सक्रियता से काम करने को कहा। प्रत्येक मातृ-शिशु मृत्यु प्रकरण का ऑडिट कराने और गर्भवती महिलाओं की निर्धारित जांच समय से सुनिश्चित करने पर जोर दिया। आरबीएसके टीमों को भी पूरी सक्रियता से कार्य करने की हिदायत दी।
बैठक में एमसीपी कार्ड, टीकाकरण, एचआरपी धात्री महिलाओं के फॉलोअप, मिसिंग डिलीवरी, मंत्रा पोर्टल, ई-कवच, आभा पंजीकरण, सीएचओ की उपलब्धता और वेलनेस सेशन समेत विभिन्न सेवाओं की प्रगति परखी गई। डीएम ने पीएचसी, सीएचसी और आवासीय परिसरों में जरूरी कार्यों के लिए बीडीओ से समन्वय कर संयुक्त प्रस्ताव तैयार कराने के निर्देश दिए।
बैठक में सीडीओ राजेश कुमार सिंह, सीएमओ डॉ. एसके सिन्हा, मेडिकल कॉलेज के सीएमएस डॉ. एचके मिश्रा समेत स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।