- तहसीलदार की जांच में फर्जी हस्ताक्षर और रिकॉर्ड में गड़बड़ी का हुआ था खुलासा
- एसडीएम के निर्देश पर लेखपाल ने कार्रवाई के लिए पुलिस को दिया था शिकायत पत्र
- पुलिस की कार्रवाई के बाद तहसील परिसर का चक्कर लगाने वाले दलालों में हड़कंप
सलेमपुर। अफसरों के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनाने वाले जालसाज के खिलाफ कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कार्रवाई के बाद मंगलवार को तहसील परिसर का चक्कर लगाने वाले दलालों में हड़कंप मच गया।
जानकारी के अनुसार, तहसील क्षेत्र के मिश्रौली दीक्षित गांव निवासी आदित्य कुमार दीक्षित पुत्र प्रमोद दीक्षित ने एक वर्ष पूर्व भटनी क्षेत्र के रहने वाले कमलेश कुमार को ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने के लिए 550 रुपये दिया था। करीब 20 दिन बाद आरोपी ने उसे प्रमाणपत्र उपलब्ध करा दिया। हाल ही में उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा (यूपीटेट) आवेदन के लिए जब आदित्य दोबारा ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवाने तहसील पहुंचा और पुराने प्रमाणपत्र को तहसीलदार के समक्ष प्रस्तुत किया, तब पूरे मामले का खुलासा हुआ।
तहसीलदार अलका सिंह ने प्रमाणपत्र पर किए गए हस्ताक्षर को देखते ही संदेह जताया। जब संबंधित क्रमांक का रिकॉर्ड मंगाकर मिलान किया गया तो पता चला कि जिस क्रमांक पर प्रमाणपत्र जारी दिखाया गया है, वह रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं है। इसके बाद हल्का लेखपाल और कानूनगो से जानकारी ली गई, लेकिन दोनों की ओर से भी किसी तरह की रिपोर्ट जारी न किए जाने की बात सामने आई।
तहसीलदार ने पूरे मामले की जांच रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम दिशा श्रीवास्तव को सौंप दी। रिपोर्ट में भटनी क्षेत्र के कमलेश की भूमिका संदिग्ध बताते हुए कार्रवाई की संस्तुति की गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसडीएम दिशा श्रीवास्तव ने हल्का लेखपाल नीतेश चतुर्वेदी को कार्रवाई कराने का निर्देश दिया। लेखपाल की शिकायत पत्र पर पुलिस ने सोमवार देर रात भटनी थाना क्षेत्र के रहने वाले कमलेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
इधर, प्रशासनिक सख्ती के बाद तहसील परिसर में सक्रिय दलालों में हड़कंप मचा है। बताया जा रहा है कि कई संदिग्ध लोग तहसील परिसर छोड़कर भाग गए हैं। वहीं, दूसरी ओर भटनी क्षेत्र से बड़ी संख्या में लोग अपने प्रमाण पत्रों की जांच कराने तहसील पहुंच रहे हैं। प्राथमिक जांच में कई प्रमाणपत्र फर्जी पाए जाने की बात सामने आ रही है।
सूत्रों की मानें तो तहसील परिसर में लंबे समय से कुछ दलाल फर्जी हस्ताक्षर और कूटरचित दस्तावेजों के सहारे मोटी रकम लेकर धड़ल्ले से ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र बनवा रहे थे। अब जांच का दायरा बढ़ने के बाद कई और मामलों के उजागर होने की संभावना जताई जा रही है।
कोतवाल दिनेश कुमार मिश्र ने बताया कि लेखपाल के शिकायत पत्र पर भटनी थाना क्षेत्र रहने वाले कमलेश कुमार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच की जा रही है।