देवरिया। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने जिले में बोर्ड परीक्षा केंद्र बनाने के लिए वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को प्राथमिकता दिया है। इसके पीछे परीक्षा को नकलविहीन और शांतिपूर्ण कराने की प्राथमिकता को प्रमुख वजह माना जा रहा है। वहीं पहले दिन जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में 26 विद्यालयों ने अपनी आपत्ति और प्रत्यावेदन दर्ज कराया है। इन पर जिलास्तरीय समिति विचार कर निर्णय लेगी।
यूपी बोर्ड ने रविवार की शाम जिले के बोर्ड परीक्षा केंद्रों की सूची जारी कर दिया है। इसमें छह राजकीय विद्यालयों को सेंटर बनाया गया है। वहीं 122 वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालयों में से 105 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। वहीं 402 वित्तविहीन विद्यालयों में से महज 52 विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया गया है। इस सूची में सर्वाधिक विद्यालय एडेड हैं। इसके पीछे बोर्ड द्वारा राजकीय और वित्तीय सहायता प्राप्त विद्यालयों को केंद्र बनाने में प्राथमिकता देने की नीति है। हालांकि कई वित्तविहीन विद्यालयों के पास अच्छे संसाधन हैं।
छह राजकीय विद्यालयों को बनाया गया केंद्र
यूपी बोर्ड ने छह राजकीय विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनाया है। इसमें राजकीय इंटर काॅलेज देवरिया और कस्तूरबा राजकीय बालिका इंटर काॅलेज देवरिया पुराने हैं और पीएमश्री विद्यालय हैं। इनके पास पर्याप्त संसाधन हैं। शिक्षकों की संख्या भी अपेक्षाकृत ठीक है। वहीं तीन विद्यालय राजकीय इंटर काॅलेज टीकमपार, नगवा खास, बढ़पुरवा, नकइल नए हैं।