देवरिया। आशा ज्योति केंद्र में ड्यूटी के दौरान पीड़िता के मेडिकल कॉलेज परिसर में स्थित वन स्टॉप सेंटर से भाग जाने के मामले में पुलिस अधीक्षक संजीव सुमन ने कड़ी कार्रवाई की है। ड्यूटी में घोर लापरवाही और उदासीनता बरतने के आरोप में महिला उपनिरीक्षक रेखा देवी एवं महिला आरक्षी सरिता बिंदु को निलंबित कर उनके विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी गई है। वहीं, ड्यूटी पर मौजूद महिला पीआरडी कर्मियों किरन देवी, शीला देवी, मंशा देवी तथा वन स्टॉप सेंटर मैनेजर नीतू भारती के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई की संस्तुति करते हुए जिलाधिकारी को रिपोर्ट भेजी गई है।
तरकुलवा थाना क्षेत्र की रहने वाली एक किशोरी के अपहरण का आरोप परिजनों ने लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। अपहरण के एक मामले में पुलिस ने 14 फरवरी को बरामद किया था। बरामदगी के बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां धारा 164 के तहत उसके बयान दर्ज किए गए। किशोरी के परिजन उसे अपने साथ ले जाने के लिए तैयार नहीं थे, इसलिए प्रशासन ने उसे बृहस्पतिवार को बलिया के बाल गृह (बालिका) भेजने का निर्णय लिया था। किशोरी को चिकित्सकीय परीक्षण कराकर उसे बलिया भेजा जाना था। इस बीच बुधवार की शाम किशोरी ने चतुराई दिखाते हुए कोई वस्तु फेंकने के बहाने से गली की तरफ गई और वहां से चकमा देकर रफूचक्कर हो गई। किशोरी के अचानक गायब होने से केंद्र में हड़कंप मच गया। एसपी कार्यालय के अनुसार किशोरी के भागने के मामले में ड्यूटी पर तैनात महिला उपनिरीक्षक रेखा देवी व आरक्षी सरिता बिंदु को निलंबित कर दिया उनके विरुद्ध जांच शुरू कर दी गई है। वहीं वन स्टॉप सेंटर की मैनेजर नीतू भारती और ड्यूटी पर तैनात पीआरडी कर्मियों के विरुद्ध दंडात्मक कार्रवाई की सिफारिश की गई है।