देवरिया। बैतलापुर पीएचसी पर संविदाकर्मी के रूप में तैनात महिला मेडिकल ऑफिसर को दहेज नहीं देने पर घर से निकालने के मामले में पुलिस ने पति समेत पांच लोगों पर केस दर्ज किया है। आरोप है कि ससुरालियों ने 50 लाख रुपये नकदी व स्कार्पियो की मांग की थी। पीड़िता ने एएससपी दक्षिणी ने फरियाद सुनाई। उनके निर्देश पर कोतवाली पुलिस महिला के पति, ससुर, देवर सहित पांच लोगों के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच पड़ताल में जुट गई।
शहर के हनुमान मंदिर चौराहा के पास रहने वाली डॉ. अमृता गुप्ता पुत्री सुदामा गुप्ता पीएचसी बैतालपुर में मेडिकल ऑफिसर के पद पर बतौर संविदाकर्मी तैनात है। उसकी शादी 28 नवंबर 2023 को गोरखपुर जिले के पिपराइच कस्बे के वार्ड नंबर 11 रामा मार्ग निवासी डॉ. मयंक कुमार गुप्ता पुत्र मुरारी लाल गुप्ता के साथ साथ हुई थी।
शादी में आठ लाख रुपये नकद दिया गया था। इसके बाद भी पति मयंक गुप्ता, ससुर मुरारी लाल गुप्ता, सास अनुपमा व देवर सूर्यांश दहेज में गोरखपुर की जमीन मांगने लगे। डॉ. अमृता ने पुलिस को बताया कि मैंने इसका विरोध किया। इसके बाद वह लोग 50 लाख रुपये व स्कार्पियो मांगने लगे। नहीं देने पर प्रताड़ित करने लगे। इसके बाद पंचायत हुई, लेकिन मेरे ससुराल वालों के आचरण में कोई अंतर नहीं पड़ा।
12 जनवरी 2025 को मेरे पति के उकसाने पर ससुर, सास व देवर ने मेरे 10 लाख रुपये के जेवर व कपड़े को छीन लिया। इसके बाद घर से निकाल दिया। पीड़िता ने 13 फरवरी को कोतवाली पुलिस को तहरीर दी, लेकिन मामला नहीं दर्ज किया। इसके बाद पीड़िता शनिवार को एसपी कार्यालय पहुंची।
जहां एएसपी दक्षिणी सुनील कुमार सिंह से मिलकर उसने अपनी फरियाद सुनाई। एएसपी के निर्देश पर कोतवाल दिलीप सिंह ने मंगलवार को मुकदमा दर्ज कर लिया। पुलिस मामले की जांच पड़ताल कर रही है।