पैना गांव में भूख से तड़प रहे बुजुर्ग का नायब तहसीलदार बरहज सुनीता गुप्ता ने हाल जाना।
पैना गांव के केवट टोली में परिवारवालों की उपेक्षा से एक बुजुर्ग दो दिनों से भूख से तड़प रहा था। गांववालों ने दरियादिली दिखाई और इसकी सूचना तहसील प्रशासन को दी। सोमवार को तहसील प्रशासन हरकत में आ गया। मौके पर पहुंचे अधिकारियों ने घरवालों को चेतावनी देते हुए बुजुर्ग को खाना खिलाया।
सोमवार की सुबह पैना गांव के किसी युवक ने तहसीलदार को सूचना दी कि गांव के केवट टोले में 75 साल का बुजुर्ग सामू बिंद दो दिनों से भूख से तड़प रहा रहा है। आरोप था कि घरवाले उसे भोजन देना बंद कर दिया है। जानकारी मिलने के बाद नायब तहसीलदार सुनीता गुप्ता, राजस्व निरीक्षक राजेंद्र प्रसाद और एसआई मनोज यादव पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंच गईं।
मौके पर ग्राम प्रधान के साथ गांव के लोग भी जुट गए। अधिकारियों के सामने वृद्ध बिलख पड़ा। उसने बताया कि उसके पांच बेटे हैं। सभी अलग रहते हैं और उसकी पत्नी घरभरनी देवी छोटे बेटे के साथ रहती है। कोई घरवाला उसे खाना नहीं देता, मांग कर पेट भरना पड़ता है। उसके नाम से सफेद कार्ड भी है। जिसे छोटी बहू ने अपने पास रखा है और उस पर राशन उठाती है। इधर दो दिन से पेट में एक दाना अन्न नहीं गया। पेट में काफी दर्द है।
इतना सुनने के बाद नायब तहसीलदार गुस्से में आ गईं। पहले उन्होेंने सामू को खाना खिलाया फिर उसकी पत्नी सहित घरवालों को हिदायत दी कि घरवाले प्रतिदिन वृद्ध को भर पेट भोजन देंगे। उन्होंने कहा कि खाना न देने पर परिवारवालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।